बकरी पालकों को किट प्रदान करते वैज्ञानिक।
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ललितपुर। केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मथुरा, राष्ट्रीय औषधि और सुगंध पौधा संस्थान लखनऊ द्वारा बिरधा ब्लाक के खितवांस गांव में वैज्ञानिक बकरी पालन और हर्बल फार्मिंग विषय पर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान से आए प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनुपम कृष्ण दीक्षित और वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रवि रंजन ने वैज्ञानिक बकरी पालन के मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। बताया कि बुंदेलखंड में बकरी पालन भूमिहीन और सीमांत किसानों की आय को बढ़ाने और परिवार के भरण पोषण में मददगार है।
बुंदेलखंड विकास बोर्ड के सदस्य प्रदीप चौबे ने बकरी की नस्ल सुधार, बकरी पोषण, बकरी स्वास्थ्य चक्र और बकरी विपणन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बकरी पालन और हर्बल फार्मिंग से बुंदेलखंड में अत्यधिक स्रोत व आय की संभावनाएं हैं। हर्बल खेती करने से जहाँ किसानों की भूमि अधिक उपजाऊ होती है, वहीं बकरी पालन से आय में वृद्धि होती है। डॉ. रवि रंजन ने बकरियों में उनके प्रजनन संबंधित परेशानियों पर प्रकाश डाला और बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान की संभावनाओं के बारे में चर्चा की। वैज्ञानिक परिचर्चा में बकरी पालकों ने बकरी प्रबंधन विषय पर प्रश्न पूछे जिनका समाधान वैज्ञानिकों द्वारा बताया गया।
राष्ट्रीय औषधि और सुगंध पौधा संस्थान लखनऊ से आए डॉ. आलोक कृष्णा प्रधान वैज्ञानिक ने हर्बल खेती कैसे की जाए और खेती से होने वाली आमदनी को कैसे बढ़ाया जाए विषय पर किसानों को समझाया। इस अवसर पर किसानों को बकरी स्वास्थ किट, मिनरल मिक्सचर, मिनरल ब्लॉक एवं तकनीकी साहित्य प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सीएसईआर सीमैप के श्रेयस फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के अनुज चौबे, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एमके सिंह, डॉ. सुधीर कुमार, जिला पशुधन अधिकारी उपस्थित रहे।
किसान गोष्ठी में मौजूद किसान, बकरी पालक और वैज्ञानिक।- फोटो : LALITPUR