राजकीय इंटर कॉलेज में बालक-बालिकाओं को सह शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध कराने में जिला मुख्यालय पर संचालित राजकीय इंटर कॉलेज फिसड्डी साबित हो रहा है। शासन के आदेश होने के बाद भी इस विद्यालय में बालिकाओं को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। जबकि जनपद के ग्रामीण इलाकों में संचालित हो रहे राजकीय इंटर कॉलेजों में पढ़ने के लिए बालिकाओं को बराबर का हक दिया जा रहा है। बुधवार को पांच बालिकाएं कॉलेज में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए गई थीं, लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। विद्यालय में रजिस्ट्रेशन कर रहे शिक्षकों को भी यह नहीं पता था कि सह शिक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। उन्होंने बालिकाओं को यह कहकर चलता कर दिया कि अभी इस संबंध में शासनादेश जारी नहीं हुआ है।
वर्तमान सामाजिक परिवेश व परिवर्तन को देखते हुए राजकीय इंटर कॉलेजों में बालक-बालिकाओं को एकसाथ शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा पूर्व से ही पहल की जा रही है। अनेकों बार शासनादेश भी जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद कई राजकीय इंटर कॉलेजों में शासनादेश के अनुपान में सह शिक्षा व्यवस्था को लागू नहीं किया गया है, जिसमें शहर में संचालित राजकीय इंटर कॉलेज भी शामिल है। इसी के क्रम में शासन ने एक जुलाई से शुरू होने वाले शैक्षिक सत्र 2017-18 के मद्देनजर उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव शत्रुंजय कुमार सिंह ने बीते 14 जून को माध्यमिक शिक्षा निदेशक को निर्देश जारी कर दिए थे, कि प्रदेश के समस्त राजकीय इंटर कॉलेजों में सह शिक्षा लागू की जाए। संयुक्त सचिव द्वारा जारी इसी शासनादेश के क्रम में इलाहाबाद शिक्षा निदेशालय से सहायक शिक्षा निदेशक डॉ. ऋचा गुप्ता ने जनपद के समस्त राजकीय इंटर कॉलेजों में सह शिक्षा व्यवस्था लागू करने के लिए बीते 28 जून को जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र जारी किया जा चुका है और जिला विद्यालय निरीक्षक आरपी वर्मा के द्वारा इस निर्देशित पत्र को 05 जुलाई को प्राप्त भी कर लिया गया है। शासनादेश को जारी हुए एक माह और जिला विद्यालय निरीक्षक को शासनादेश पत्र प्राप्त हुए एक सप्ताह का समय बीत गया है। लेकिन इस संबंध में अभी तक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय व जिला सूचना विभाग से कोई सूचना जारी की गई है।
बदलते सामाजिक परिवेश में ग्रामीण विद्यालय आगे
सामाजिक परिवेश व परिवर्तन के इस दौर में शहर की तुलना में जनपद के ग्रामीण अंचलों में संचालित राजकीय इंटर कॉलेज आगे हैं। जनपद के संचालित कुल सरकारी इंटर कॉलेजों की संख्या 07 है, इसमें तीन राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और चार राजकीय इंटर कॉलेज हैं। ग्रामीण अंचलों में संचालित तीन राजकीय इंटर कॉलेजों जखौरा, माताटीला व बार में पहले से सह शिक्षा लागू है। जबकि जिला मुख्यालय पर संचालित राजकीय इंटर कॉलेज अभी तक इस सह शिक्षा की व्यवस्था को लागू नहीं कर सका है।
अभी नहीं तो फिर कब करेगें लागू
वर्तमान में इंटर कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है और प्रवेश की अंतिम तिथि 15 जुलाई भी निर्धारित कर दी गई है। अंतिम तिथि को भी खत्म होने में मात्र तीन दिन ही बचे हुए है। यहां यह सवाल खड़ा होगा है कि यदि अभी इस विद्यालय में बालिकाओं को प्रवेश नहीं दिया गया तो फिर सह शिक्षा व्यवस्था कब लागू होगी।
शासनादेश प्राप्त हुआ है, लेकिन शहर की भौतिक ंस्थिति को देखते हुए वहीं पुरानी व्यवस्था रखी गई है। शासन की मंशा है कि बालिकाओं व बालक को पढ़ने के समान अधिकार मिले, जो पूरी की जा रही हैै। शहर में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और राजकीय इंटर कॉलेज दोनों की एक-एक है, बालकों की संख्या भी काफी अधिक है। ग्रामीण इलाकों में हर जगह बालिका कॉलेज नहीं है, इसलिए यहां पर सह शिक्षा लागू कराई गई है।
-आरपी वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर।