ललितपुर। रेलवे स्टेशन के बाहर विवादित जमीन पर बनाई गईं दुकानों का अतिक्रमण हटाने के बाद अब रेलवे ने उक्त जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है। साथ ही तार फेंसिंग व गेट लगाकर बोर्ड स्थापित कर दिया है।
रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर रेलवे की जमीन पर सात दुकानों के स्वामित्व को लेकर रेलवे व दुकानदारों में वर्षों तक अदालत में चली लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार रेलवे के पक्ष में फैसला आ गया था। इस पर रेलवे ने सभी सातों दुकानों का अतिक्रमण करीब दो माह पूर्व हटा दिया था। इसके बाद उक्त जमीन पर रेलवे ने स्वामित्व संबंधी बोर्ड भी स्थापित कर दिया है, ताकि कोई खाली प्लॉट समझकर कब्जा नहीं कर सके। र
विवार को रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में आरपीएफ और जीआरपी की मौजूदगी में उक्त जमीन पर तार फेंसिंग कर रेलवे ने अपना स्वामित्व स्थापित कर लिया है। वहीं, सड़क की दूसरी ओर शंकर जी के मंदिर के बगल की जमीन पर लोहे की पट्टियों का गेट लगा दिया गया, ताकि रेलवे के अतिरिक्त उक्त जमीन पर अनाधिकृत रूप से कोई कब्जा या निर्माण नहीं किया जा सके।
खाली जमीन पर चारों ओर से तार फेसिंग कर दी गई। हालांकि, पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद रहने के कारण फेंसिंग निर्माण के दौरान किसी प्रकार को कोई विरोध नहीं किया गया। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ यह कार्य शाम चार बजे तक पूर्ण कर लिया गया। इस मौके पर सहायक मंडल रेल अभियंता रवि शर्मा, वरिष्ठ खंड रेल अभियंता अभियंता आर के सिंह, वरिष्ठ खंड अभियंता रेलपथ पीएन तिवारी आदि मौजूद रहे।
सात दुकानें बनी थीं
रेलवे की उक्त जमीन पर सात दुकानों का निर्माण कर रेलवे को वर्षों से चूना लगाया जा रहा था। इस मामले में उच्च न्यायालय से रेलवे के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बाद भी एक वर्ष तक रेलवे किसी न किसी कारण से अतिक्रमण नहीं हटा सका था। करीब दो माह पूर्व रेलवे ने प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटा दिया और जमीन को कब्जे में ले लिया था।