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घनश्याम हत्याकांड : मुठभेड़ में तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पैरों में लगी गोली

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर/तालबेहट। बुढ़वार रोड पर 28 जुलाई को हुए चर्चित घनश्याम यादव हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार तड़के तालबेहट कोतवाली क्षेत्र में राजघाट साउथ नहर के पास ग्राम खांदी के निकट हुई मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी फायरिंग से तीन मुख्य आरोपी घायल हो गए। तीनों के पैरों में गोली लगी है। उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब चार बजे तालबेहट कोतवाली पुलिस चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान तीन संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। रोकने का प्रयास करने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीनों आरोपियों के पैर में गोली लगी।
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घायल आरोपियों की पहचान सदर कोतवाली क्षेत्र के सिद्धनपुरा निवासी इंदल यादव (26), इलाइट क्षेत्र निवासी पुष्पराज उर्फ राजराज (29) और जाखलौन थाना क्षेत्र के बंदरगुढ़ा निवासी दीपक यादव (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर 28 जुलाई की सुबह करीब 9:30 बजे बुढ़वार रोड स्थित राजकीय आईटीआई के पास घनश्याम यादव, उनके पुत्र कृष्णपाल और पत्नी गुड्डी देवी पर जानलेवा हमला किया था। गंभीर रूप से घायल तीनों को मृत समझकर हमलावर मौके से फरार हो गए थे। बाद में इलाज के दौरान घनश्याम यादव की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने सात नामजद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाई गई थीं।
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तीन साल पुराने विवाद की थी रंजिश
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2023 में घनश्याम यादव और उनके परिजनों से मारपीट व विवाद हुआ था, जिसमें उनके पक्ष के लोगों को चोटें आई थीं। उसी घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच रंजिश चली आ रही थी। आरोपियों ने बताया कि 28 जुलाई को कृष्णपाल को जेसीबी मशीन चलाने के बहाने राजकीय आईटीआई के पास बुलाया और उस पर जानलेवा हमला किया। उसे मृत समझकर वहां से भाग निकले।
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दुर्घटना की सूचना देकर बुलाया था
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि कृष्णपाल पर हमला करने के बाद उसके पिता घनश्याम यादव और मां गुड्डी देवी को फोन कर बेटे के सड़क हादसे का झांसा देकर मौके पर बुलाया गया। रास्ते में दोनों पर लोहे की रॉड और सब्बल से हमला कर उन्हें मरणासन्न अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। बाद में इलाज के दौरान घनश्याम यादव की मौत हो गई।

छह आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेयी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की थीं। सोमवार को पुलिस ने इस मामले में छह आरोपी—गुल्लू उर्फ भरत, संदीप तिवारी, सोनू यादव उर्फ सुंदर सिंह, मोहित यादव, प्रभान यादव और शक्ति वाल्मीकि—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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हत्या के मामले में वांछित तीन मुख्य आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। जवाबी फायरिंग में तीनों के पैरों में गोली लगी है। घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
— कालू सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
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