ललितपुर। टेलीविजन देखने के लिए टैक्स चोरी रोकने और डिजिटल प्रसारण के लिए अनिवार्य किए गए सेट टॉप बॉक्स के नाम पर खुली लूट मची हुई है। लखनऊ और नोएडा जैसे शहरों में छह सौ से सात सौ रुपये में सेट टॉप बॉक्स लगाए जा रहे हैं, वहीं जिले में पंद्रह सौ रुपये तक मांगे जा रहे हैं। इससे उपभोक्ता परेशान हैं।
जिले में एक जनवरी के बाद से सेट टॉप बॉक्स लगवाना अनिवार्य हो गया है। नामी कंपनियों के सेट टॉप बॉक्स जहां मासिक पैक को छोड़कर छह सौ रुपये के आसपास आ रहे है, वहीं, केबल कनेक्शन धारकों को पंद्रह सौ रुपए में सेट टॉप बॉक्स उपलब्ध कराया जा रहा है।
केबल कनेक्शनधारकों को पंद्रह सौ रुपए में दिए जा रहे सेट टॉप बॉक्स के साथ दो सौ रुपए मासिक किराया बताया जा रहा है, जबकि दूसरे शहरों में केबल कनेक्शनधारकों को मासिक पैक के लिए तीन विकल्प दिए जा रहे हैं। तीनों पैक की राशि सौ रुपए, दो सौ रुपए और तीन सौ रुपए है,
ताकि उपभोक्ता बजट के अनुसार पैक का चुनाव कर सकता था। लेकिन, जनपद में केवल एक ही पैक दिया जा रहा है, जिसका दाम दो सौ रुपए माह तय किया गया है।
कनेक्शन संख्या में हेरफेर
मनोरंजन कर विभाग की मानें तो नगर में केवल तीन हजार केबल कनेक्शन हैं, जबकि हकीकत में यह संख्या दस हजार के आसपास है। कम कनेक्शन दर्शाकर हर महीने लाखों रुपए मनोरंजन कर की चोरी भी की जा रही है। यह आंकड़ा सेट टॉप बॉक्स लगने के बाद साफ हो जाएगा।
इसके साथ ही विभाग की ओर से सेट टॉप बॉक्स को लेकर पल्ला झाड़ लिया गया। विभागीय अधिकारी सेट टॉप बॉक्स के दामों को लेकर साफ जवाब देने से बच रहे हैं। वहीं, लखनऊ में मनोरंजन कर विभाग की पिछले साल हुई बैठक में सेट टॉप बॉक्स के दाम अधिकतम 799 रुपए तय किए गए थे। इसके बावजूद जनपद में सेट टॉप बॉक्स के नाम पर लूट मची हुई है।
कालाबाजारी रोकी जाए
जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव अजय प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मनमाने दाम पर बेचे जा रहे सेट टॉप बॉक्स की कालाबाजारी पर रोक लगाए जाने की मांग की है।
वह अवकाश पर हैं। सेट टॉप बॉक्स की कीमत के बारे में नहीं बता सकते हैं। पंद्रह सौ रुपये में सेट टॉप बॉक्स लगाने में शायद इंस्टालेशन चार्ज शामिल होगा। अवकाश से वापस आकर इसकी पड़ताल की जाएगी और उपभोक्ताओं को उचित दर पर सेट टॉप बाक्स उपलब्ध कराया जाएगा।
- देवेंद्र पाल सिंह
मनोरंजन कर अधिकारी