33 केवी हाईटेंशन लाइन के माध्यम से 33 केवीए बांसी सब स्टेशन को बिजली आपूर्ति मुहैया कराई जाती है। यहां स्थापित बांसी, बार व जखौरा फीडर के माध्यम से 350 गांवों को बिजली देकर रोशन किया जाता है। मंगलवार की दोपहर लगभग दो बजे रोंड़ा में आकाशीय बिजली गिरने के कारण यहां से निकली 33 केवी लाइन के 22 इंसुलेटर जल गए। कई स्थानों पर तेज हवा चलने के कारण पेड़ भी गिर गए। हाईटेंशन लाइन गिरने के कारण यहां खेतों में आग लग गई, जिससे ग्रामीणों ने खेतों से निकली हाईटेंशन लाइन व विद्युत पोल हटाने की मांग की और लाइन जोड़ने का विरोध भी किया। लाइन सुधारने गए विद्युत कर्मियों को तार नहीं जोड़ने दिया गया और वहां से भगा दिया गया, इस कारण देर रात तक लाइन जोड़ने का कार्य नहीं किया जा सका।
इस कारण आपूर्ति सुधारने में विलंब हो गया। हालात यह रहे कि दूसरे दिन बुधवार की देर शाम तक लगभग 29 घंटे बाद कुछ फीडरों की आपूर्ति सुचारु की जा सकी थी, जबकि रात आठ बजे तक अन्य फीडरों की बिजली सुचारु की जा सकी। विद्युत अधिकारियों की लापरवाही व अनभिज्ञता विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। यदि इसी प्रकार चलता रहा तो विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को ही भुगतना पड़ेगा।