संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रसोई गैस समेत खाद्य सामग्री के बढ़े दामों से लोगों की हालत पतली है। हालत यह है कि खाने की थाली से कई वस्तुएं गायब हैं। अब लोग स्टॉक करना तो दूर सीमित मात्रा में ही खरीदारी करने को सोच रहे हैं। महिलाओं ने किचन की रौनक लौटने की बजट से उम्मीद लगा रखी है। उन्होंने कहा, वस्तुओं के दाम व रसोई गैस की कीमत कम होने से थाली में सामग्री बढ़ जाएगी। साथ ही बढ़ते आर्थिक बोझ में कमी आएगी। एक फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट से महिलाओं की उम्मीदों पर आधारित बातचीत के अंश।
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रसोई गैस के दाम आसमान छू रहे हैं, अब तो सब्सिडी आनी भी बंद हो गई है। खाद्य वस्तुओं के बढ़े दामों से आर्थिक बोझ बढ़ गया है। दाम कम हों तो राहत मिल जाए।- कुमकुम मिश्रा
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पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन के लिए चिकित्सक दाल का सेवन करने की सलाह देते हैं, लेकिन महंगाई ने कमर तोड़ दी है। खरीदारी करने पर सोचना पड़ता है। बजट में दाम कम होने की आस है। इससे किचन की रौनक बढ़ जाएगी।-अंजू पाठक
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तेल से लेकर मसाला समेत सभी वस्तुओं के दाम बढ़ने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। वस्तुओं का स्टॉक करना तो दूर खरीदारी करने तक के लिए साेचना पड़ रहा है। बजट में वस्तुओं के दाम में कमी आ जाए तो सुविधा होगी।-नेहा वर्मा
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खाद्य सामग्री ही नहीं सब्जियों के दाम भी अधिक हो गए हैं। इनमें कई सब्जियां तो फल से अधिक महंगी हैं। ऐसे में कई लोगों ने इन्हें खरीदना तक छोड़ दिया है। बजट में दाम कम हो तो कुछ राहत मिल सके।-सीमा मधुर चौरसिया
रसोई गैस से लेकर हर चीज महंगी है, इससे घरेलू बजट गड़बड़ा रहा है। सरकार घरेलू जरूरत की चीजों का दाम कर करे और गैस सिलिंडर सस्ता करे तो काम चलेगा।-काजल सेन
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फोटो-46, संगीता सैनी
सरकार भले ही गरीबों को फ्री खाद्यान्न वितरित कर रही है, लेकिन मध्यम वर्गीय इस महंगाई से परेशान हैं। घरेलू सामान को सस्ता किया जाए और सिलिंडर के दाम कम हो, तभी सुकून मिलेगा।-संगीता सैनी