अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट हाइब्रिड बीज से उत्पादन बढ़ाने की कोशिश में कृषि विभाग ने खेल कर दिया। शासन से चिह्नित जिन 18 गांवों के लिए दलहनी और खाद्यान्न फसलों के बीज भेजे गए थे, उनके वितरण में गड़बड़ी के साथ 11 गांवों को इसमें शामिल ही नहीं किया गया। साथ ही 21 नए गांवों को जोड़कर चहेते किसानों को लाभान्वित किया गया। अब डीएम ने तीन सदस्यीय टीम का गठन कर जांच शुरू करा दी है।
शासन ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में दलहन, गेहूं और जौ के क्लस्टर प्रदर्शन का लक्ष्य निर्धारित किया था। प्रत्येक ब्लाॅक में क्लस्टर प्रदर्शन के गांव फसल वार तय किए गए थे। आरोप है कि कृषि विभाग ने क्लस्टर प्रदर्शन में चयनित 18 गांवों में बदलाव कर अन्य नए गांवों को जोड़ दिया और 28 गांवों में बीज वितरण कराने का दावा किया है। सूत्रों के मुताबिक इन गांवों में खेत चयन में भी मानकों की अनदेखी की गई। जिन किसानों को चना व अन्य बीज दिए गए, उन्होंने उसकी बुवाई तक नहीं की, लेकिन जांच टीम के अधिकारी अभी इस संबंध में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि जो गड़बड़ियां मिल रही हैं, उसे रिपोर्ट के साथ डीएम को सौंपेंगे।
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किसान नेता ने लगाए थे आरोप
प्रगतिशील किसान जनमोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल दुबे सहित कुछ किसानों ने डीएम से की शिकायत में बताया था कि क्लस्टर प्रदर्शन में जिन गांवों को विभाग बता रहा है, उनमें बीज वितरण नियमानुसार नहीं किया गया। एक हेक्टेयर में चना 80 किलो, मसूर 40 किलो और मटर का एक क्विंटल बीज देना चाहिए था, लेकिन किसी को कम तो किसी को ज्यादा दिया गया।
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नए गांवों में कुछ ऐसे भी जो पूर्व में हो चुके लाभान्वित
सूत्रों के मुताबिक मसौरा, जिजियावन सहित कुछ गांव ऐसे हैं, जिनमें इससे पहले भी क्लस्टर के माध्यम से चुनिंदा किसानों को लाभान्वित किया गया है।
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क्लस्टर में चिह्नित गांव
किसरदा, पड़वां, भैरा, हंसरा, पिसनारी, मर्रोली, बरौदाडांग, मड़वारी, दावनी, मैंरतीकलां, कुआंघोषी, पूराबिरधा, थनवारा, बरौदा बिजलौन, रखवारा, आलापुर, मिर्चवारा, कुआंगांव।
क्लस्टर से इन गांवों को हटा दिया गया
मड़वारी, किसरदा, पड़वां, कुआघोषी, पिसनारी, बरौदाडांग, कुआगांव, पूराविरधा, थनवारा, मैरतीकलां, मर्रोली।
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इन नए गांवों को सूची में जोड़ा
गंगचारी, टौरी, धवा, गनगौरा, जिजयावन, मसौराखुर्द, गेवरा-गुंदेरा, मामदा, पड़ौरिया, बिरधा, बरौदा, इमलिया, कारीटोरन, टोड़ी, बम्हौरीखड़ैत, बम्हौरी सहना, भैलौनीसूबा, हनुपुरा, प्यासा, सिंदवाहा, अमौरा।
क्लस्टर में परिवर्तन के नियम
क्लस्टर में शासन से चिह्नित गांव यदि ग्राम पंचायत समूह के राजस्व ग्रामों में लक्ष्य की पूर्ति नहीं कर रहे हैं तो उसी क्षेत्र की न्याय पंचायत के गांवों को शामिल किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान क्लस्टर बीज वितरण में न्याय पंचायत के बाहर के गांवों को चयनित किया गया है।
-डीएम ने गठित की जांच टीम
जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है, इसमें अपर उपजिलाधिकारी श्रीराम यादव, उप संभागीय प्रसाद प्रसार अधिकारी आरके स्वर्णकार व किसान राकेश मालवीय को नामित किया है।
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यह था क्लस्टर योजना का लक्ष्य
बीज का नाम - हेक्टेयर - बीज की मात्रा - गांव की संख्या किसानों की संख्या
चना - 1000 हेक्टेयर - 800 क्विंटल - 10 492
मटर - 300 हेक्टेयर - 300 क्विंटल - 02 105
मसूर - 100 हेक्टेयर - 40 क्विंटल - 01 60
गेहूं - 100 हेक्टेयर - 100 क्विंटल - 04 230
जौ - 100 हेक्टेयर - 80 क्विंटल - 02 227
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कुल - 1600 हेक्टेयर - 1320 क्विंटल - 19 1159
गांवों में बदलाव व बीज वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें किसानों से मिल रही थीं। इसके लिए डीएम को ज्ञापन देकर जांच कराने की मांग की थी। जांच रिपोर्ट आने पर घोटाला किस स्तर पर हुआ है, इसकी पुष्टि हो जाएगी।-बाबूलाल दुबे, केंद्रीय अध्यक्ष प्रगतिशील किसान जन मोर्चा
-अभी एक गांव में जांच पूरी हो सकी है, जांच पूर्ण होने के बाद रिपोर्ट डीएम को प्रस्तुत की जाएगी।-श्रीराम, अपर उप जिलाधिकारी
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क्लस्टर प्रदर्शन में निर्धारित गांव में लक्ष्य पूर्ण न होने पर पास के अन्य गांव को लिया गया है, बीज वितरण में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।- राजीव कुमार भारती, प्रभारी उप निदेशक कृषि/ जिला कृषि अधिकारी
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किसान संगठन ने शिकायत की थी, जिसकी जांच तीन सदस्यीय समिति कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ होगी। यदि कोई गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।-अक्षय त्रिपाठी, डीएम