कलेक्ट्रेट में अधिकारी को ज्ञापन देने जाते जिला किसान कांग्रेस कमेटी के सदस्य
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ललितपुर। प्रदेश सरकार द्वारा मंडी के अंदर व्यापार करने वाले व्यापारियों से मंडी शुल्क वसूलने और मंडी से बाहर व्यापार करने वाले व्यापारियों से कोई शुल्क नहीं लेने के दोहरे रवैये से नाराज गल्ला व्यापारियों ने सोमवार से छह दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है।
सोमवार को गल्ला व्यापारियों ने गल्ला मंडी बंद रखकर विरोध स्वरूप मुख्य मंडी को संबोधित एक ज्ञापन मंडी सचिव को सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में गल्ला मंडी में कारोबार करने वाले व्यापारियों को किसानों की उपज खरीदने में कोई भी मंडी शुल्क नहीं लेने का निर्णय लिया है। लेकिन इसके विपरीत उत्तर प्रदेश सरकार ने ढाई प्रतिशत के हिसाब से मंडी के अंदर का कारोबार करने वाले व्यापारियों से मंडी शुल्क लेना निश्चित किया है और गल्ला मंडी के बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का उत्पीड़न भी किया जाता है। इससे मंडी के अंदर कारोबार करने वाला व्यापारी परेशान हो जाएगा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। जिसके चलते गल्ला व्यापारी बर्बाद हो जाएगा। उसका समस्त कर्मचारी, पल्लेदार, ग्राम व्यापारी, तोलक व उसमें उपयोग होने वाले वाहन चालक, समेत लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। बताया गया कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्रा ने पहले प्रदेश की सभी मंडियों में एक दिन धरने के बाद मुख्यमंत्री से मिलकर और सरकार के कई मंत्री एवं मंडी के निदेशक से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। इसके लिए प्रदेश संगठन ने पहले तीन दिन की बंदी की थी, लेकिन अब फिर से छह दिन की बंदी के लिए व्यापारियों को मजबूर होना पड़ा है। गल्ला व्यापारियों ने प्रदेश के दोहरी व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से खत्म करते हुए मंडियों के अंदर से भी ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क को पूर्ण रूप से समाप्त किया जाए। ज्ञापन देने के दौरान गल्ला व्यापार संघ के अध्यक्ष अशोक जैन अनौरा, महेंद्र जैन मयूर, संतोष साहू खजुरिया, संजीव जैन कप्तान, लालचंद जैन, प्रसन्न जैन, सुरेश कुमार संज्ञा, जिनेंद्र कुमार जैन, अनिल जैन अंचल, उपेंद्र एंजिल समेत दर्जनों व्यापारियों शामिल रहे।
गल्ला मंडी में दुकान पर लगा मंड़ी बंद का बैनर- फोटो : LALITPUR