शासन की हनक दिखाकर देवगढ़ फीडर से जुड़े चार गांवों के 67 ग्रामीण पांच साल से बिजली का बिल नहीं भर रहे हैं। यह लोग धड़ल्ले से बिजली जला रहे हैं। जब-तब बिजली विभाग की टीम इनसे वसूली को जाती भी है तो यह लोग उन्हें हड़का कर भगा देते हैं। स्थिति यह है कि इन गांवों में दिए गए कनेक्शनों पर पच्चीस लाख से अधिक का बिल बकाया है।
गल्ला मंडी स्थित 66 केवी विद्युत सब स्टेशन में स्थापित देवगढ़ फीडर के अंतर्गत ग्राम बरखेरा में बीस कनेक्शन, ग्राम शिवपुरी बौराद में 15 कनेक्शन, ग्राम बारौद में 17 कनेक्शन व ग्राम उत्मधाना में 15 कनेक्शन दिए गए हैं। बिजली विभाग द्वारा विद्युत उपभोग के हिसाब से हर माह का विद्युत बिल इन कनेक्शनधारकों को जारी किया जाता है। लेकिन, प्रदेश में नई सरकार बनते ही करीब पांच वर्षों से इन सभी गांवों में बिजली तो जलती है, लेकिन बिल नहीं भरा जा रहा है। यदि कभी इन गांवों की बिजली गुल हो जाती है तो ग्रामीणों द्वारा विद्युत अधिकारियों व कर्मचारियों से तत्काल सुधरवा ली जाती है। लेकिन जब
बिजली अधिकारी व कर्मचारी बिल वसूलने जाते हैं, तो उन्हें शासन की हनक बताकर लौटा दिया जाता है।
विभागीय जानकारी के अनुसार चारों गांवों का कुल बकाया पच्चीस लाख रुपये से अधिक है। जानकारों का कहना है कि अकेले यही नहीं, जनपद के अनेक गांवों के लोग बिल नहीं भर रहे हैं, जिससे करोड़ों की बकायेदारी चल रही है। विभाग द्वारा साठ प्रतिशत बिजली का बिल नहीं भरने वाले गांवों की बिजली काटी तो जाती है, लेकिन बाद में विभागीय अधिकारियों को ही शासन व प्रशासन के दबाव में जोड़ना पड़ता है।
बारौद की बिजली पहले काटी, बाद में जोड़ दी
ललितपुर। कस्बा जाखलौन में निर्माणाधीन 33 केवी विद्युत सब स्टेशन तक डाली जा रही33 केवी हाइटेंशन बिजली लाइन की क्रॉसिंग देवगढ़ फीडर की 11 हजार केवी लाइन से है। हाइटेंशन लाइन से क्रॉसिंग होने के चलते तीन दिन पूर्व ग्राम बारौद को जाने वाली लाइन काट दी गई। इसके बाद बिजली विभाग द्वारा गांव में जाकर वसूली करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन एक ने भी बिल जमा नहीं किया। आखिरकार सोमवार को दोपहर करीब 1.15 बजे गांव बारौद की बिजली जोड़ दी गई।
वसूली को लेकर लगातार अभियान जारी है। जिन गांवों में ज्यादा बिल बकाया है, उन्हें जल्द बिल भुगतान करने के लिए आदेश दिए गए हैं। जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो इन गांवों की लाइट काटी जाएगी।
गौरव कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग