प्रदेश के मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि देश को पीएम मोदी की विदेश यात्राओं से कुछ भी हासिल नहीं हुआ है, जबकि प्रदेश के अफसरों की अमेरिका यात्रा सफल रही है। प्रदेश को इस यात्रा से सौ नंबर की सेवा मिली है, जो लोगों के लिए मददगार साबित हो रही है। कांग्रेस-सपा का गठबंधन कुनबों का नहीं दो युवा नेताओं का है। इस गठबंधन से भाजपा घबरा गई है। मुख्यमंत्री अखिलेश गिन्नोट बाग में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने मायावती का नाम लिए बगैर कहा कि वह भाजपा के साथ कभी भी रक्षाबंधन मना सकती हैं।
अखिलेश ने स्थानीय मुद्दों को छूते हुए कहा कि सपा ने काम करके दिखाया है। ललितपुर में बिजली का कारखाना लगवाया। बुंदेलखंड में सूर्य की रोशनी से बिजली बनने के भी कारखाने लगवाए। गरीब परिवारों को समाजवादी पेंशन मुहैया कराई। राहत पैकेट भी बिना किसी भेदभाव के बंटवाए। पुलिस भर्ती को भी आसान बना दिया है। अब दसवीं, बारहवीं पास युवक-युवतियों को दौड़ व उनके अंकों के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।
पेंशन व लैपटॉप के वितरण में बिरादरीवाद के आरोपों को नकारते हुए उन्होंने कहा कि निर्धन परिवारों को बिना किसी भेदभाव के पेंशन, राहत पैकेट व लैपटॉप वितरित किए हैं। यदि भाजपा को सच्चाई जाननी है तो वह मेधावी बच्चों से मुलाकात करे। नोटबंदी पर उन्होंने कहा कि अच्छे दिन वालों ने लोगों को लाइन में लगा दिया। बैंक खाते में पंद्रह लाख रुपये आने का वादा किया था पर किसी के खाते में पंद्रह हजार रुपये भी नहीं पहुंचे हैं। नोटबंदी की लाइन में कइयों की जान जरूर चली गई। इसी लाइन में एक बच्चे का जन्म हो गया जिसका नाम बैंक वालों ने खजांची रख दिया। प्रदेश सरकार ने खजांची की मां व मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये दिए। अब फिर लाइन लगने की बारी है, जिसमें जनता वोट के माध्यम से जवाब देगी। भाजपा ने बुंदेलखंड में कोई काम नहीं किया, इसके बाद भी गरीबों के वोट लेना चाहती है।
उन्होंने मायावती का नाम न लेकर उन्हें बुआ व पत्थरवाली सरकार के रूप में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि साइकिल, पंजा कहीं भी एडजेस्ट हो जाएगा। यदि हाथी घर आएगा तो क्या होगा? उन्होंने हाथी से बचने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर दसवीं, बारहवीं व आईटीआई पास युवाओं को पृथक से प्रशिक्षण दिलाकर नौकरियां दी जाएंगी। लोहिया आवास की संख्या बढ़ाई जाएगी। महिलाओं को प्रेशर कुकर, पेंशन की राशि बढ़ाकर एक हजार रुपये प्रतिमाह की जाएगी। स्मार्ट फोन भी दिए जाएंगे।
इस मौके पर प्रत्याशी ज्योति सिंह लोधी, एमएलसी रमा निरंजन, प्रदेश सचिव हाजी शकील शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता यादव, सपा जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन, चंद्रभूषण सिंह बुंदेला, तिलक यादव, निशांत जैन, असलम कुरैशी, अजीत खजुरिया, जय महोली, शिवम मिश्रा, नेपाल सिंह यादव आदि उपस्थित रहे।
भाषण में चूके सीएम
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उपलब्धि गिनाते समय एक जगह चूक गए। जब वह तहसील बनवाने की मांग पूरी होने का जिक्र कर रहे थे, उस समय उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी की घोषणा का जिक्र कर दिया। पूर्व सीएम एनडी तिवारी ने नाराहट तहसील बनाने की घोषणा की थी, जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया। उसकी जगह मड़ावरा को तहसील बनाया गया है।
सपाई हाथ छोड़कर भी साइकिल चलाते हैं
कभी भी समाजवादी लोग जोश में हैंडल छोड़कर पैडल मारते हुए साइकिल को आगे ले जाते हैं। अब तो कांग्रेस का हाथ मिल गया है। अब सोचो साइकिल की रफ्तार क्या होगी? सोशल मीडिया पर यह बयान सुर्खियों में आ गया है। कई लोग इसके अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं।
कहना पड़ा खाबरी को
भाषण के समापन पर महरौनी क्षेत्र से कांग्रेस- सपा के उम्मीदवार बृजलाल खाबरी को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से नाम लेने के लिए कहना पड़ा। तब मुख्यमंत्री ने खाबरी का नाम लेकर वोट देने के लिए कहा। ललितपुर क्षेत्र से सपा की उम्मीदवार ज्योति लोधी ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र में काम कराने के लिए अपना विजन पत्र सौंपा। इस पर सीएम ने कहा कि सारे काम पहले ही हो गए हैं। देवगढ़ की सड़क की मांग भी पूरी हो गई है।
अटकलों को किया दूर
ललितपुर विधानसभा से गुड्डु राजा का टिकट कटने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनके संबंधों में खटास को लेकर तमाम चर्चाएं जोरों पर रहीं। रविवार की रैली में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ हैलीकॉप्टर से गुड्डु राजा सभा स्थल पर पहुंचे और मंच पर बगल वाली सीट पर बैठे। इस तरह तमाम अटकलों पर भी विराम लग गया। सभा समाप्त होने के बाद गुड्डु राजा मुख्यमंत्री के साथ ही दूसरी जनसभा में शामिल होने चले गए।