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गांव की गलियों और सड़कों पर नहीं दिखने चाहिए अन्ना जानवर : एसडीएम

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कैप्सन - गो आश्रय के संबंध में बैठक लेते एसडीएम - फोटो : TALDEHATE
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तालबेहट। नगर सहित गांवों की गलियों में घूम रहे अन्ना जानवरों से हो रही परेशानी को लेकर तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी ने एक बैठक की। जिसमें अन्ना जानवरों को गो आश्रय स्थल में बंद करने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी मोहम्मद कमर ने लेखपालों, ग्राम प्रधानों एवं ग्राम पंचायतों की संयुक्त बैठक में यह सभी को निर्देश दिए। इस संबंध में अमर उजाला ने सात अगस्त के अंक में सड़कों एवं गलियों में जमा हो रहे है आवारा जानवरों के झुंड नामक शीर्षक से खबर भी प्रकाशित की थी।
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उपजिलाधिकारी मोहम्मद कमर ने कहा कि शासन किसानों की फसलों की अन्ना जानवरों से सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति बेहद संजीदा हैं। किसान की पूरी मेहनत पर आवारा एवं अन्ना जानवर पानी फेर देतें हैं। गांव गांव में संचालित गो आश्रय केंद्रों के विधिवत संचालन की जिम्मेदारी आप लोगों के हाथों में हैं। आप लोग इसके लिए एक योजना बनाकर मिलजुल कर काम करें।
तहसीलदार सौरभ पांडेय ने कहा कि कई पशुपालक अपने जानवरों को जबरन गो आश्रय स्थल छोड़ देते है और कुछ लोग गो आश्रय स्थल में बंद पशुओं को परेशान करते हैं। ऐसे लोगों पर सख्त नजर रखी जाए। बैठक में कुछ ग्राम प्रधानों ने अपनी समस्या रखी। जिसका अधिकारियों ने निराकरण कराने का आश्वासन भी दिया। बैठक में पशु चिकित्साधिकारी, आर के रमेश नामदेव, नाजिर राजेश सत्यार्थी सहित कई लेखपाल, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी मौजूद रहें।
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