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नवजात शिशु खरीद-फरोख्त केस : दो लाख रुपये में शिशु को खरीदने वाला चौथा आरोपी बेसुराग

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ललितपुर। नवजात शिशु खरीद-फरोख्त मामले में चौथा आरोपी घटना के एक हफ्ता गुजर जाने के बाद भी बेसुराग है। पुलिस की टीम उसे पकड़ने में सफल नहीं हो सकी। हालांकि पुलिस आरोपी को जल्द पकड़ लेने का दावा कर रही है।
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शहर के मोहल्ला सरदारपुरा निवासी पूनम लखेरा ने नर्स सोनम, श्रीबांके बिहारी अस्पताल के मैनेजर भूपत कुशवाहा, ज्ञानेंद्र अग्रवाल व नीतेश पटेल पर अपनी नवजात पुत्री को मोटी रकम लेकर दूसरे को देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने 4 सितंबर को चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों नीतेश पटेल, भूपत कुशवाहा और सोनम को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर श्रीबांके बिहारी अस्पताल से नवजात बच्चे को भी बरामद कर लिया था और एसएनसीयू में भर्ती कराते हुए बाल कल्याण समिति को सूचित कर दिया था। इसके बाद नवजात बच्ची को उसकी मां को सुपुर्द कर दिया था, जिसकी निगरानी बाल कल्याण समिति के द्वारा की जा रही है। पुलिस ने नवजात शिशु के खरीद-फरोख्त के इस केस की जांच पड़ताल शुरू की। साथ में मानव तस्करी वाले एंगल को भी जांच में शामिल किया। प्रारंभिक जांच और गिरफ्तार आरोपियों से की गई पूछताछ में यह तथ्य निकलकर सामने आया था कि उक्त नवजात बच्ची का सौदा तीनों आरोपी भूपत, सोनम और नीतेश पटेल ने दो लाख रुपये में ज्ञानेंद्र अग्रवाल से किया था। इस केस को दर्ज हुए एक हफ्ते से अधिक का समय गुजर चुका है और पुलिस चौथे आरोपी ज्ञानेंद्र अग्रवाल को पकड़ने में सफल नहीं हो पाई है।
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दो लाख से अधिक रुपयों में हुआ था नवजात का सौदा
नवजात शिशु का तीनों आरोपियों ने दो लाख से अधिक रुपये लेकर ज्ञानेंद्र अग्रवाल से सौदा किया था। पुलिस की जांच में यह तथ्य निकलकर सामने आया था। इसके बाद पुलिस चौथे आरोपी ज्ञानेंद्र की तलाश में जुट गई थी। इसके साथ पुलिस ने श्रीबांके बिहारी अस्पताल से कुछ दस्तावेज और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को संकलित कर जांच में शामिल किया है।
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