ललितपुर। सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के लिए शुरु की गई जननी सुरक्षा योजना(जेएसवाई) अस्पताल स्टाफ के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है। स्थिति यह है कि इस योजना के आवेदन फार्म सरकारी अस्पताल में नहीं मिल रहे, बल्कि मेडिकल स्टोर से बेचे जा रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बार में जेएसवाई के फार्म उपलब्ध नहीं हैं। फार्म सीएचसी के पास मौजूद मेडिकल स्टोर से 10 रुपए में बेचे जा रहे हैं, जबकि फार्म अस्पताल से निशुल्क मिलना चाहिए। इसके अलावा अस्पताल में फार्म जमा करने के लिए भी पैसे लिए जा रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो बिना सुविधा शुल्क के फार्म जमा करने पर गलत खाता नंबर का चेक थमाया जा रहा है। इसकी शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सुविधा शुल्क का चलन होने के कारण ही सीएचसी बार में जेएसवाई भुगतान का आंकड़ा केवल 58 फीसदी है, जबकि शासन के नियमों के मुताबिक यह 90 से 100 फीसदी होना चाहिए। जानकारों के अनुसार सीएचसी बार में प्रसव कराने आने वाली महिलाओं से प्रति डिलीवरी का भी हिस्सा फिक्स है।
गोद लिए गांव के लोग परेशान
सीएचसी बार क्षेत्र में ग्राम देवरान आता है। यह गांव जिलाधिकारी द्वारा गोद लिया गया है। डीएम द्वारा गांव को गोद लेने पर ग्रामीणों ने गांव की स्थिति सुधरने की उम्मींद लगाई थी, लेकिन इसके बाद भी ग्राम देवरान के मरीजों को इलाज के लिए जूझना पड़ रहा है। इस सत्र में सीएचसी बार में 723 नसबंदी की गई हैं।
लेकिन, इसमें ग्राम देवरान की एक भी महिला अथवा पुरुष शामिल नहीं है, जबकि देवरान गांव की पांच आशाओं ने दिसबंर माह में ही गांव की 25 महिलाओं की नसबंदी कराई है। यह सभी नसबंदी जिला अस्पताल में कराई गई हैं। सूत्रों के अनुसार आशाओं ने सुविधा शुल्क से परेशान होकर ही जिला अस्पताल में सभी नसबंदी कराई हैं।
फार्म पैसे में मिलने की शिकायत गंभीर है। मेडिकल स्टोर पर फार्म मिलने की जांच कराई जाएगी। देवरान गांव की नसबंदी जिला अस्पताल में किस कारण हुई, इसकी भी जांच कराई जाएगी।
- डा. सतेंद्र कुमार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी