71 की जंग साहसिक प्रदर्शन के लिए मिली थी जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। 1971 की लड़ाई में साहसिक प्रदर्शन करने वाले सेवानिवृत्त फौजी को अब अपनी ही जमीन बचाने के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ रही है। लंबे समय तक प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई न होने पर पीड़ित ने सिविल कोर्ट में निषेधाज्ञा वाद दायर किया है।
तहसील तालबेहट के बांसी परगना अंतर्गत ग्राम छिपाई निवासी कपूर सिंह बुंदेला ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की अदालत में दायर वाद में बताया कि वह भारतीय सेना में सिपाही के पद पर तैनात रहे हैं। 1971 की जंग के दौरान ढाका में तैनाती के समय दुश्मन की गोली लगने से वो घायल हो गए थे।
उनके साहसपूर्ण योगदान के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम रायपुर, परगना बांसी में 14.01 एकड़ कृषि भूमि का पट्टा आवंटित किया था। तत्कालीन लेखपाल ने 23 अप्रैल 1981 को उन्हें इंतखाब खतौनी (भूमि रिकॉर्ड) की नकलऔर जोतवही भी जारी की थी।
आरोप है कि इसके बाद से राजस्व अभिलेखों में उनका नाम दर्ज नहीं किया गया। राजस्व अभिलेखागार, कलेक्ट्रेट और तहसील स्तर पर जांच कराने पर संबंधित खतौनी भी उपलब्ध नहीं हो सकी। पीड़ित ने इस संबंध में जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, मुख्य सचिव और रक्षा विभाग को कई बार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
सेवानिवृत्ति के बाद भी वह भूमि पर कब्जा नहीं पा सके और न ही खेती कर पाए। अब उन्होंने न्यायालय से मांग की है कि या तो उन्हें उक्त भूमि पर कब्जा दिलाया जाए या उसके स्थान पर अन्य कृषि योग्य भूमि पट्टे पर उपलब्ध कराई जाए। साथ ही विवादित भूमि किसी अन्य को आवंटित न किए जाने की भी गुहार लगाई है।