जयश्री व जितेंद्र को कोर्ट से मिली थी राहत
करीब ढाई महीने पहले कोतवाली में दर्ज किए गए मुकदमें में गिरफ्तारी से बचने के लिए रमेश खटीक ने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय का सहारा लिया था और अग्रिम जमानत व गिरफ्तारी पर स्टे का प्रयास शुरू किया था। लेकिन रमेश खटीक को न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली। वहीं उनके पुत्र जितेंद्र व पुत्रबधू जयश्री को न्यायालय ने राहत प्रदान कर दी। जिस कारण दोनों गिरफ्तारी से बच गए थे।
डीएम की कराई जांच में दो नामों के आरोप पाए थे सत्य
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश खटीक की पुत्रबधु पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जयश्री खटीक दो नाम पिंकी व जयश्री का प्रयोग कर जमीनों का बैनामा करने की शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी से की गई थी। जिलाधिकारी ने इसकी जांच उपजिलाधिकारी से कराई थी। एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट चार मई को जिलाधिकारी को सौंप दी थी। एसडीएम की जांच में भी जयश्री के द्वारा दो नाम का प्रयोग कर जमीनों का बेनामा करने के आरोप सत्य पाए गए थे। इस पर जिलाधिकारी ने आरोपियों के विरुद्घ कार्रवाई करने को कोतवाली पुलिस को पत्र भेजा था। जिलाधिकारी के पत्र के आधार पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
करीब ढाई महीने पहले कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी व कूटरचित रचित दस्तावेज तैयार करने के मुकदमें वांछित चल रहे रमेश खटीक को गिरफ्तार किया गया है। आवश्यक कार्रवाई करके न्यायालय में पेश किया है। -संतोष सिंह, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक