अब इस भूमि पर रोपे जाएंगे पौधे, कांवड़ मार्ग बनाने के लिए काटे गए थे पेड़, ली गई थी वन भूमि
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गाजियाबाद में कांवड़ मार्ग के निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि में वन विभाग की भूमि भी शामिल थी। इस मार्ग के निर्माण में हजारों पेड़ भी काटे गए थे। शासन ने वन भूमि व पेड़ों के एवज में वन विभाग को पौधारोपण के लिए भूमि देने का निर्णय लिया था। इसके लिए जनपद ललितपुर को चयनित किया गया था। अब शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने वन विभाग को 225 हेक्टेयर भूमि दे दी है।
प्रदेश सरकार द्वारा मुजफ्फरनगर से मेरठ और गाजियाबाद सीमा में गंगनहर की दायीं पटरी पर कांवर मार्ग बनाया गया है। सात मीटर चौड़े बनने वाले इस मार्ग में आने वाले सैकड़ों पेड़ काटे गए। लेकिन, वन विभाग ने पेड़ काटने अनुमति इस शर्त पर दी थी कि उन्हें प्रदेश में पौधरोपण के लिए भूमि दी जाए। शासन ने इस योजना के तहत काटे गए पेड़ों के एवज में पेड़ लगाने के लिए जनपद ललितपुर में भूमि देने का निर्णय लिया था।
अब शासन के निर्देश पर वन विभाग को भूमि सुपुर्द कर दी गई है। इस योजना के जनपद में वन विभाग को तहसील ललितपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत धौर्रा में 122.940 हेक्टेयर, ग्राम पंचायत जाखलौन में 50.440 व ग्राम पंचायत कपासी में 16 हेक्टेयर भूमि दी गई।
तालबेहट तहसील में 35.854 हेक्टेयर भूमि ग्राम पंचायत बधौरा में दी गई है। इस प्रकार वन विभाग को पौधारोपण व जंगल विकसित करने लिए 225.235 हेक्टेयर भूमि दे दी गई है। वन विभाग इस भूमि पर पौधारोपण कर पर्यावरण संतुलन के लिए वन क्षेत्र को विकसित करेगा।
शासन के आदेश पर कांवर मार्ग में जो पेड़ काटे गए थे, उसके एवज में भूमि प्राप्त हो गई है। इस भूमि पर पौधरोपण कर पर्यावरण संतुलन का कार्य किया जा रहा है।
गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी ललितपुर।