- पशुओं को मिलेगा पोषक आहार, 11 लाख की होगी सालाना बचत
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गोवंश आश्रयस्थल पर पशुओं को खाने के लिए जिला प्रशासन ने स्वयं ही चारा पैदा करने की कार्ययोजना तैयार की है। कल्यानपुरा की 500 एकड़ की भूमि से इसका काम प्रारंभ किया जाएगा। इसके बाद ही अन्य ग्राम सभा की भूमि पर चारा उत्पन्न किया जाएगा। जिससे भूसा व अन्य पोषक आहार पशुओं के लिए क्रय न करना पड़े।
जनपद में गोवंश आश्रयस्थलों पर करीब 33 हजार पशु हैं। इसमें कई पशुओं को सहभागिता योजना के तहत ग्रामीणों ने अपने पास रखा है। इन पशुओं के पोषक आहार में करीब प्रतिवर्ष 11 लाख रुपये खर्च होता था। ऐसे में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने इस पोषक आहार की पूर्ति के लिए अब गोचर की भूमि पर विशेष प्रकार का चारा उगाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। कल्यानपुरा गोवंश आश्रयस्थल पर पड़ी 500 एकड़ गोचर की भूमि पर इसके निर्माण का निर्णय लिया है। बताते चलें कि यहां पर कुल 700 एकड़ भूमि है, जिसमें 180 एकड़ में गोशाला बनी हुई है, तो वहीं 20 एकड़ में पौधरोपण किया गया है। बाकी बची 500 एकड़ भूमि का उपयोग नहीं हो रहा था, जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी से इस जगह पर पशु चारा उगाने के लिए कार्ययोजना तैयार की है। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। जल्द की इस भूमि पर चारा पैदा होना प्रारंभ हो जाएगा, जिससे सीधे तौर पर करीब 11 लाख रुपये की बचत होगी।
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कल्यानपुरा में गोचर की भूमि पर निराश्रित पशुओं को पोषक आहार उपलब्ध कराने के लिए विशेष तरह का चारा उगाया जाएगा। इसके बाद अन्य गोचर की भूमि पर भी यह किया जाएगा। -अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी