तालबेहट (ललितपुर)। भोपाल और विदिशा में हुई मूसलाधार बारिश के चलते माताटीला बांध से रविवार को पूरे दिन लगभग चार लाख क्यूसेेक से अधिक पानी की निकासी की गई। इससे बेतवा के किनारे के किसानों के खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई। जानकारी के बाद राजस्व अधिकारियों ने मौके पर जाकर बर्बाद फसलों को देखा।
तीन दिन से मध्य प्रदेश सहित जनपद में हो रही बारिश के चलते जन जीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के चलते रविवार को पूरे दिन माताटीला बांध से चार लाख से अधिक पानी की निकासी हुई। दो दिन से बांध से हो रही जलनिकासी और दो दिन हुई मूसलाधार बारिश के चलते बेतवा नदी के किनारे बसे झरर, सरखड़ी, वर्मा विहार, चौचदया, भैंसनवारा आदि गांवों के किसानों के खेतों में खड़ी फसलों में पानी भर गया और एक सैकड़ा से अधिक किसानों की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई। किसानों की फसलें जलमग्न होने की जानकारी के बाद तहसीलदार प्रीति जैन, तहसीलदार सुबोध मणि शर्मा मौके पर गए। मौके पर गए अधिकारियों को किसानों ने अपने खेतों में भरे पानी में डूबी फसलों को दिखाते हुए अपना दु:खडा सुनाया। इसके अलावा माताटीला बांध और शहजाद के भराव में खरीफ की फसल बोए किसानों के खेतों में भी पानी भर गया। इससे उनकी फसलें भी पूरी तरह बर्बाद हो गई।
साहब, बाली खा गई मछली
तालबेहट (ललितपुर)। किसानों की फसलें जलमग्न फसलें देखने गए राजस्व अधिकारियों को एक किसान ने बताया कि उसकी दलहनी फसल में लगी फलियों को मछली और अन्य जलीय जीव खा गए है। इससे उसे बर्बाद फसल का मुआवजा दिलाया जाए।
पचास घंटे से जल मग्न हैं फसलें
तालबेहट (ललितपुर)। रविवार को विकास खंड के कई गांवों के किसान अपनी जलमग्न फसलों की दास्तान लेकर आए तहसील आए। यहां किसानों ने अधिकारियों को बताया कि 50 घंटे से अधिक समय से उनकी फसलें जलमग्न हैं। ऐसी स्थिति में उनकी फसलें सड़ने की स्थिति में हैं। किसानों ने बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई।