पांच ग्राम विकास अधिकारी निलंबित
अलग-अलग ब्लाकों में डीडीओ ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले के अलग-अलग ब्लाकों के पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। किसी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में लापरवाही बरती है तो किसी ने शौचालयों के निर्माण पर ध्यान नहीं दिया। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता भागीरथ चतुर्वेदी को जांच अधिकारी बनाया गया है।
ब्लाक महरौनी के ग्राम करौंदा और छपरट में 2016-17 से 2018-19 तक प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत दूसरी किस्त जारी होने के बाद भी 11 लाभार्थियों के आवास पूरे नहीं हुए और ग्राम भौंड़ी में तीन लाभार्थियों को तीन किस्तें मिलने के बाद भी आवास पूरे नहीं हुए। मुख्य विकास अधिकारी ने इसकी समीक्षा की और काम तेजी से कराने के निर्देश दिए, लेकिन काम में उदासीनता बरती गई। इस पर ग्राम विकास अधिकारी पवन कुमार रिछारिया को निलंबित कर दिया गया।
अधिवक्ता मुरारी लाल जैन ने सूचना मांगी थी, लेकिन ब्लाक बिरधा में तैनात ग्राम विकास अधिकारी जोधन सिंह ने सूचना नहीं दी। इस पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। इसी तरह जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने महरौनी ब्लाक के ग्राम भदौरा का निरीक्षण किया था। उन्होंने पाया था कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 28 शौचालयों की धनराशि लाभार्थियों को जारी नहीं की गई, जबकि पैसा एक साल पहले ही ग्राम पंचायत के खाते में आ गया था। इसके अतिरिक्त एलबीओ के अतर्गत 172 शौचालयों का पैसा जारी होने के बाद सिर्फ 11 शौचालयों का निर्माण किया गया। इससे प्रथम दृष्टया गबन का मामला प्रतीत होने पर ग्राम विकास अधिकारी ओमप्रकाश तिवारी को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने समीक्षा में पाया था कि ब्लाक बार में तैनात ग्राम विकास अधिकारी अनिल कुमार त्रिपाठी द्वारा शासकीय कार्यों में रुचि नहीं ली जा रही थी। 2016-17 के पांच आवास और 2017-18 के छह आवास अब तक अपूर्ण हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 319 शौचालयों का काम शेष है। मुख्य विकास अधिकारी वीपी पांडेय ने उन्हें निलंबित कर दिया।
ब्लाक जखौरा के ग्राम पंचायत चितरा में 93 शौचालयों का निर्माण अधूरा पाया गया तथा उनकी जियो टैगिंग नहीं की गई। ग्राम विकास अधिकारी अशोक कुमार को शौचालय निर्माण कराने व जियो टैगिंग कराने का समय दिया गया, लेकिन इसके बाद भी काम नहीं हो सका। जिला पंचायत राज अधिकारी की संस्तुति पर ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया गया।
जिला विकास अधिकारी विद्यानाथ शुक्ल ने बताया कि पांचों ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबन आदेश जारी कर दिया गया है। सभी के खिलाफ जांच के लिए डीआरडीए के सहायक अभियंता भागीरथ चतुर्वेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई है और एक पखवाड़े में रिपोर्ट मांगी गई है।