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पांच नये विद्युत सब स्टेशनों का काम पड़ा अधूरा

Fri, 15 Sep 2017 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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sub station lalitpur news - फोटो : demo
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कार्यदायी संस्थाओं की सुस्ती के चलते जनपद में निर्माणाधीन पांच नवीन विद्युत सब स्टेशनों का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। सेकेंडरी वर्क्स के उपखंड अधिकारी के निरीक्षण में जहां मात्र सिविल वर्क के अलावा अन्य कोई भी कार्य होना नहीं पाया गया। यहां तक कि सब स्टेशन के नवनिर्मित भवन में ताला लटका मिला। एसडीओ ने इसकी रिपोर्ट फोटोग्राफ सहित वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी है।
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जनपद में वर्तमान में 14 विद्युत सब स्टेशनों के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति की जा रही है। लेकिन, आए दिन ओवरलोड से होने वाली समस्या के कारण  गांव, मुहल्लों तक पर्याप्त बिजली सप्लाई नहीं पहुंच पाती है। इस समस्या के निदान के लिए जनपद में सात अन्य विद्युत सब स्टेशन तीन वर्ष पूर्व प्रस्तावित किए गए थे। इसके तहत जखौरा और बानपुर में तो दो सब स्टेशनों का शुभारंभ हो चुका है, जबकि पांच अन्य विद्युत सब स्टेशनों का निर्माण कार्य करीब एक वर्ष पूर्व समय सीमा भी खत्म होने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इसके तहत जाखलौन, नेहरूनगर, मिर्चवारा और बंगरिया का कार्य अब भी अधूरा पड़ा हुआ है, इसकी वजह से इन सब स्टेशनों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। वहीं, पूराकलां में प्रस्तावित 33 केवी का सब स्टेशन का सिविल वर्क होने के साथ ही ट्रांसफार्मर, मशीनें स्थापित होने आदि का कार्य पूरा कर लिया गया है, हालांकि यहां विद्युत लाइन का कार्य होना शेष रह गया है। ललितपुर में विद्युत सर्किल कार्यालय बनने के बाद से यहां निर्माणाधीन व अन्य विद्युत कार्यों ने गति पकड़ ली है। इसी के तहत जनपद में विद्युत सब स्टेशनों, हाइटेंशन लाइनों के निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा सेकेंडरी वर्क्स के एक एसडीओ अरविंद कुमार गौतम को जनपद की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके चलते बुधवार को एसडीओ ने प्रस्तावित निर्माणाधीन 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन का निरीक्षण किया। इसमें उन्हें ताला लगा मिला और यहां कोई भी अन्य विद्युत निर्माण संबंधी कार्य होते नहीं मिला। यहां मात्र एक सिविल वर्क के रूप में भवन का निर्माण होना ही पाया। उक्त सब स्टेशन में न तो उच्च क्षमता वाला कोई ट्रांसफार्मर ही रखवाया गया और न ही ट्रांसफार्मर प्लंथ एवं स्पीड स्ट्रक्चर होना पाया। जब वह यहां पहुंचे तो एक गार्ड से ताला खुलवाकर सब स्टेशन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाई जाने वाली कमियों और अधूरे निर्माण कार्य की रिपोर्ट बनाकर सब स्टेशन की फोटोग्राफ समेत सेकेंडरी वर्क्स के अधिशासी अभियंता को भेज दी है।
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