किसानों का गेहूं भुगतान पांच करोड़ अटका
ललितपुर। सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों को भुगतान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। शासन के निर्देश है कि तीन दिन में भुगतान किया जाएगा, लेकिन यहां के किसान एक महीने से चक्कर लगा रहे हैं और उन्हें पैसे का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसानों का पांच करोड़ तेइस लाख रुपये का बकाया चल रहा है, किसानों को भुगतान के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। जिले के किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए विभिन्न एजेंसियों ने खरीद केंद्र खोले थे। इनमें विपणन शाखा, पंजीकृत सहकारी समिति, मल्टी स्टेट सोसायटी समिति, पीसीएफ, यूपीसीयू, नैफेड और भारतीय खाद्य निगम शामिल रही। सभी एजेंसियों को गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। मल्टीस्टेट सोसायटी पहले ही खरीद से पीछे हट गई थी। वह शुरुआत से ही किसानों को समय से गेहूं का भुगतान नहीं कर पाई।
इस पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने मल्टी स्टेट सोसायटी द्वारा की जा रही खरीद पर रोक लगा दी थी। अन्य एजेंसियां गेहूं की खरीद में लगी रहीं, लेकिन वे भी किसानों को समय से भुगतान नहीं कर पाई। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो पीसीएफ ने 40267.950 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है जो लक्ष्य का 61 प्रतिशत है। इसमें से चार करोड़ इकसठ लाख रुपये का भुगतान किसानों का होना शेष है। कुल खरीद पर गौर करें तो जिले में अब तक 71907.95 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। वर्तमान में किसानों का 523.96 लाख रुपये का बकाया बना हुआ है, इससे किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही हैं। किसान खरीद केंद्रों पर भुगतान के लिए चक्कर लगा रहे हैं। जहां उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसानों में असंतोष पनप रहा है।
वर्ष 2012 में भी खरीद हुई थी प्रभावित
वर्ष 2012 में खरीद के दौरान खुले बाजार में गेहूं के दाम उछाल मार गए थे। इस कारण खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया था। वर्तमान में भी यही स्थिति बन गई है, जिससे गेहूं खरीद उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाई, जबकि इस बार गेहूं की फसल का भरपूर उत्पादन हुआ है।
खुले बाजार में गेहूं का रेट बढ़ने से सरकारी खरीद पर असर पड़ा है। इससे मई के अंतिम सप्ताह से देनदार किसान ही समितियों पर गेहूं बेचने पहुंचा। एफसीआई से बुधवार तक सवा दो करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों का बकाया भुगतान किया जाएगा।
- रमेश कुमार गुप्ता, सहायक निबंधक सहकारी समितियां
जैसे- जैसे पैसा मिल रहा है, किसानों का भुगतान लगातार किया जा रहा है। अवशेष भुगतान भी जल्द कर दिया जाएगा।
- दिव्यांशु वर्मा, जिला प्रबंधक, पीसीएफ
किसानों का पैसा जारी कर दिया गया है। उम्मीद है कि बुधवार तक पैसा पहुंच जाएगा। जल्द ही किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा।
- नरेंद्र सिंह, संभागीय खाद्य नियंत्रक