ललितपुर। अदालत ने वारंट किसी के नाम निकाला और पुलिस पकड़कर किसी और को ले गई। पीड़ित ने जब पूरे मामले से न्यायाधीश को अवगत कराया तो अदालत ने पुलिस को तलब कर लिया। इससे पुलिस अफसरों में खलबली मच गई । निर्दोष व्यक्ति को तत्काल छोड़ दिया गया तथा पुलिस ने आनन-फानन में वास्तविक अपराधी को पकड़कर न्यायाधीश के समक्ष पेश किया।
शुक्रवार को सुबह 11 बजे परमहंस मंदिर की गली में रहने वाले संजीव कुमार उर्फ टीटू तनय स्व निर्मल जैन को पुलिस घर से गिरफ्तार करके ले गई। संजीव ने गिरफ्तार करने का कारण पूछा तो पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ कोर्ट का वारंट है। इसके बाद उनका मेडिकल करवा कर कोर्ट में पेश कर दिया गया। जब वकील महेंद्र सविता ने मुआयना किया तो केस 3/7 का पाया गया। इसमें संजीव कुमार जैन पुत्र निर्मल कुमार जैन आरोपी थे, जिनकी उम्र 55 साल है और जिन्हें पुलिस साथ ले आई थी, उनकी उम्र मात्र 30 साल है। जब बात जज के संज्ञान में लाई गयी, तब कोर्ट ने पुलिस को तलब किया। इसके पश्चात बताया गया कि वास्तविक आरोपी आनंद भोजनालय के मालिक हैं, तब जाकर कोर्ट के आदेश पर उन्हें छोड़ा गया। उधर, प्रभारी कोतवाली निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि दोनों व्यक्तियों के नाम व मोहल्ला एक जैसे होने के चलते गलती से दूसरे व्यक्ति को पकड़कर न्यायालय में पेश कर दिया था। लेकिन, बाद में जानकारी होने पर सही व्यक्ति को पेश किया गया।