फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर फर्जी रजिस्ट्री कराने के मामले में सीजेएम न्यायालय ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
अधिवक्ता लालू प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि शहर के मुहल्ला चौबयाना स्थित बड़ा मंदिर के पास निवासी बलू प्रजापति ने गत छह सितंबर सीजेएम न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि उसकी हाईवे नहर के पास 0.50 डिसमिल संयुक्त भूमि है। उक्त भूमि की नाजायज रूप से चौबाबाग निवासी विजय पटेल, मगनलाल व शिवराज प्रसाद यादव के साथ मिलकर रजिस्ट्री कराना चाहते हैं। करीब तीन वर्ष पूर्व उक्त विजय ने अपने नाम व अपने एक मित्र के हक में एक 7700 वर्गफीट का प्लाट रजिस्टड बैनामा कराया था। इसके बाद उसने आपराधिक षड्यंत्र के तहत विजय, अपने दो अज्ञात व्यक्तियों के साथ दो माह पूर्व उससे संपर्क किया और कहा कि उसने जो प्लाट की रजिस्ट्री किया था, उस पर लोन फाइनेंस करा रहा हूं, इसके लिए उसे बीमा कंपनी चलना होगा। वहां हस्ताक्षर होना है। उन्होंने उसे धोखे में रखकर कुछ कोरे स्टांपों पर हस्ताक्षर करा लिए। जब यह उसने अपने पुत्रों को बताई और उसके पुत्रों ने इसकी जानकारी कंपनी जाकर की तो उन्हें बताया गया कि विपक्षी ने ऐसा कोई लोन नहीं कराया है। जब उसने विपक्षी विजय से संपर्क किया तो उसने कहा कि वह स्टांप उसने उसी समय फाड़ दिए थे।12 जुलाई 2017 को करीब नौ बजे उक्त विपक्षी विजय, मगनलाल व शिवराज उसके घर आए और उससे कहा कि वह अपने नहर के पास हाइवे की भूमि जो 0.50 डिसमिल है, उससे लिखा पढ़ी में की थी। जिसके एवज में उन्होंने उसे रुपया व जेवर दिया था। उक्त जमीन पर उन्होंने उससे कब्जा कराने और रजिस्ट्री कराने को कहा। जिस पर उसने उक्त संबंध में ऐसा कुछ भी नहीं करने की बात कही। जिस पर उन्होंने उसे धमकाया और उसने जब इसका विरोध किया तो उन्होंने उसे गालियां दीं और रजिस्ट्री न करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए सीजेएम न्यायालय ने कूट रचित दस्तावेज कर तैयार करते हुए फर्जी रजिस्ट्री कराने के आरोप में उक्त तीनों अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।