ललितपुर। मंडलायुक्त ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए फील्ड में नहीं जाने वाले अफसरों को सुधर जाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जो अफसर फील्ड में नहीं जाएंगे, उनका वेतन रोक दिया जाएगा।
उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 79 प्रतिशत का लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश जिला पूर्ति अधिकारी को दिए।
शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंडलायुक्त के राममोहन राव ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुंदेलखंड की समस्याओं को लेकर काफी चिंतित हैं। जो कार्य पंचायत चुनाव के दौरान नहीं हो पाए हैं, उन कार्यों को ज्यादा से ज्यादा पूरा करें। अधिकारी और कर्मचारी डेली डायरी, फोटोयुक्त निरीक्षण आख्या तैयार कर लें और हर सप्ताह कम से कम दो निरीक्षण अवश्य करें।
जो अधिकारी फील्ड में नहीं जाएंगें, उनका वेतन रोक दिया जाएगा। आगे की मीटिंगों में लोकेशन रजिस्टर, डेली डायरी, निरीक्षण आख्या के बिना अफसरों को प्रवेश नहीं मिलेगा। लेखपाल और सेक्रेट्री को सप्ताह में 06 दिन गांव में रहना होगा। यदि वह गांव में नहीं रहे तो उनके विरुद्ध बर्खास्त/ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
सूखाग्रस्त जिलों में मनरेगा के तहत 150 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिनके जॉब कार्ड नहीं बने हैं उनके कार्ड अतिशीघ्र बना लें। इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त श्रम एवं रोजगार नरेंद्र देव द्विवेदी को निर्देश दिए। जनपद में जितने भी तालाब खुदवाए जाने हैं, उन्हें खुदवाकर फोटोग्राफी करा लें। मनरेगा के तहत खेतों का समतलीकरण तथा नाले का निर्माण कराया जाए।
इसी तरह स्कूलों मेें मिट्टी व खंडजा डलवाकर बच्चों के लिए उपयोगी बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि जहां-जहां जमीन खाली या बंजर जमीन हो, वहां पौधरोपण कराया जाए। उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिनियम में 79 प्रतिशत का लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश डीएसओ को दिए। लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण नहीं करने वाले अधिकारी दंडित किए जाएंगे। उन्होंने खाद्यान्न की कालाबाजारी पाए जाने की स्थिति में दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की हिदायत दी।
जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने अधिकारियों को खाद्यान्न वितरण के समय 100 प्रतिशत फोटोग्राफी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएमओ व डीएसओ की डायरी का निरीक्षण किया। उप जिलाधिकारी सदर रमेश चंद्र की डेली डायरी और लोेकेशन रजिस्टर भी चेक किया गया। उन्होंने मनरेगा के तहत कराए गए कार्य के समाप्त होने के एक सप्ताह के अंदर पैसा मजदूर के खाते में पहुंचाने के निर्देश दिए।
सात दिन से अधिक भुगतान लंबित रहने पर बीडीओ का वेतन रोकने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कोई हैंडपंप खराब नहीं मिलना चाहिए। पीने के पानी की उपलब्धता पर्याप्त होनी चाहिए। बिजली की समस्या के बारे में उन्होंने खराब ट्रांसफार्मर तथा रिजर्व ट्रांसफार्मर की सूची अगली बैठक में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सिचांई विभाग की समीक्षा के दौरान अनुपस्थित पाये गए अभियंताओं का वेतन रोकने तथा स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। लघु सिचांई विभाग की समीक्षा में चेकडेम लगभग 80 प्रतिशत सूखे होने की बात सामने आई है। पौधरोपण की समीक्षा में पौधों के जीवित होने के बारे में जानकारी दी गई। इस पर उन्होंने वन विभाग द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों के सत्यापन टीम बनाकर कराने के निर्देश दिए गए।
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी मिथलेश कुमार त्रिवेदी, उप जिलाधिकारी सदर, उप जिलाधिकारी तालबेहट, उप जिलाधिकारी मड़ावरा, पुलिस अधीक्षक, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी मौजूद थे।