डीएम के निर्देश पर चकबंदी लेखपाल निलंबित, जांच शुरू
ललितपुर। कोतवाली सदर अंतर्गत ग्राम मऊ माफी निवासी फूलवती (55) ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने चकबंदी लेखपाल व कानूनगो पर रास्ता देने के नाम पर रुपये मांगने व विपक्षियों के उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या करने का आरोप लगाया है। मामले में डीएम के निर्देश पर बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी राकेश कुमार ने चकबंदी लेखपाल मयंक स्वामी को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
फूलवती की पुत्री प्रियंका के मुताबिक उसकी मां के नाम गांव में कृषि भूमि है। वर्तमान में गांव में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। गांव के ही कुछ लोग जमीन को लेकर परेशान करते थे। उसकी मां फूलवती से चकबंदी लेखपाल व कानूनगो ने चकबंदी के नाम पर 1.20 लाख रुपये ले लिए थे। फिर भी विपक्षियों ने मां वाले चक में जाने के लिए रास्ता नहीं दिया।
आए दिन गाली-गलौज करते हुए उत्पीड़न कर रहे थे। इसमें लेखपाल व कानूनगो भी विपक्षियों का साथ देते थे। चार अक्तूबर को चकबंदी लेखपाल व कानूनगो गांव आए और रास्ता देने के नाम पर 50 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग उसकी मां से की।
प्रियंका का आरोप है कि उत्पीड़न से तंग आकर सोमवार की रात उसकी मां ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने झांसी रेफर कर दिया। झांसी ले जाते रास्ते में उसकी मौत हो गई। प्रियंका ने कोतवाली सदर पुलिस को तहरीर देकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।