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बेखौफ हो रहा है बालू का अवैध खनन

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कैप्सन - बेतबा नदी के किनारे लगे अवैध बालू के ढेर - फोटो : TALDEHATE
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तालबेहट। तालबेहट और पूराकलां क्षेत्र अवैध खनन कारोबारियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। बेखौफ अवैध खनन कारोबारी प्राकृतिक संसाधनों को नष्ट कर लाखों रुपये की बालू का अवैध खनन कर रहे हैं। इससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है। पूराकलां में तो खनन कारोबारियों ने गरीब किसान की निजी भूमि तक को बर्बाद कर दिया। पीड़ित किसान ने पुलिस अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया, उसकी समस्या देखने कोई नहीं आया।
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खनन कारोबार में राजनीतिक रसूख और चर्चित चेहरे अंजाम देने में लगे हैं। जो अपनी पहुंच के बल पर दिन में ही अवैध खनन को अंजाम देेने से बाज नहीं आते हैं। कुछ समय से बेतवा नदी सहित अन्य नदी-नालों का जलस्तर कम हो गया है। इसके बाद खनन कारोबारी दिन में नदी से बालू निकालकर उसका अवैध भंडारण और रात में निकासी करना प्रारंभ कर देते हैं। इस समय क्षेत्र में ग्राम सरखड़ी, वर्माबिहार, झरर, गेवरा- गुंदेरा,विजयपुरा, पूराकलां आदि गांवों में खुलेआम अवैैध खनन का कारोबार चल रहा है।
रविवार को पुलिस अधिकारियों ने अवैध खनन की सूचना पर बेतवा नदी के किनारे बसे गांवों में दबिश दी, परंतु उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ। वहीं, थाना पूराकलां अंतर्गत ग्राम विजयपुरा निवासी हरभजन पांडे ने उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि उसका खेत बरूआ नाले के समीप स्थित है। क्षेत्र में सक्रिय खनन कारोबारी ने उसके खेत की मिट्टी उठा ली है, जिससे पूरे खेत में गड्ढे हो गए हैं। विरोध करने पर विपक्षी लड़ने पर आमादा है। उसने पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों पर कारवाई की मांग की हैं।
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बताते चलें कि इस संबंध में पीड़ित कई शिकायती पत्र पूर्व में दे चुका है परंतु कार्रवाई तो दूर पुलिस ने मौके पर जाकर जांच करना तक उचित नहीं समझा। लोगों ने इस ओर अधिकारियों को ध्यान आकृष्ट कराते हुए रोक लगाने की मांग की है।
कहीं जुगलबंदी तो नहीं?
तालबेहट। क्षेत्र में कुछ लोगों का मानना है कि जब पुलिस अकेले अवैध खनन के कारोबारियों पर दबिश देती है तो हमेशा खाली हाथ आती है। परंतु जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दबिश देने जाते हैं तो कामयाबी हासिल हो जाती है।
गांव-गांव में लगे है अवैध बालू के ढेर
तालबेहट। बेतवा नदी का जल स्तर कम होने के बाद सक्रिय खनन कारोबारियों ने बेतवा नदी के किनारे बसे गांवों में जगह-जगह अवैध बालू के ढेर लगा रखे हैं। जानकारी के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी और खनन अधिकारी पूरी तरह से मौन रखे हुए हैं।
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अवैध बालू के खनन की जानकारी मिली है। इसकी जांच कर अवैध खनन पर रोक लगाएंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
- मुकेश मिश्रा, खान निरीक्षक
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