योगी सरकार द्वारा जिला मुख्यालयों को 24 घंटे और बुंदेलखंड के कस्बों और देहात को 20 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश को लाइनों के फाल्ट अड़ंगा लगा रहे हैं। जनपद में वर्तमान में शहरी क्षेत्र में जहां 22 से 23 घंटे तक बिजली आपूर्ति मिल रही है, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे के आदेशों के पर फाल्ट आदि के चलते करीब 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
पनकी कंट्रोल के आदेशों के अनुसार शहरी क्षेत्र में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 20 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेेश हैं। वर्तमान में शहरी क्षेत्र के फीडरों को विद्युत विभाग द्वारा लाइनों में फाल्ट आदि के चलते आमतौर पर करीब 22 से 23 घंटे बिजली आपूर्ति उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जा रही है। हालांकि कई बार सब स्टेशनों पर ट्रांसफार्मर या मशीनों के मेंटीनेंस के दौरान पूरे दिन भी बिजली आपूर्ति ठप रहती है। इसके चलते उस दिन उस सब स्टेशन के फीडरों के उपभोक्ताओं को कई घंटे बिजली कटौती का सामना करना होता है। 10 अप्रैल को ही शहर में सुबह नौ बजे से रात करीब साढ़े नौ बजे तक आधे शहर व करीब 150 गांव की बिजली ठप रही थी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों को विद्युत सब स्टेेशनों के माध्यम से तकरीबन 18 से 19 घंटे बिजली दी जा रही है। महरौनी क्षेत्र में 20 घंटे आपूर्ति के आदेशों के क्रम में सुबह पांच बजे से सवा छह बजे और रात्रि आठ बज से दस बजे कटौती के आदेश दिए गए हैं। लेकिन वर्तमान में ऊर्जा मंत्री के बोर्ड परीक्षा में शाम छह बजे से सुबह पांच बजे तक 15 अप्रैल तक विद्युत कटौती नहीं करने के आदेश दिए गए हैं। लेकिन महरौनी क्षेत्र में यह आदेश मात्र बोर्ड पेपर के एक दिन पहले तो लागू होते हैं, लेकिन जिस दिन परीक्षा नहीं होती, उस दिन कटौती अवश्य कर दी जाती है। जैैसे 12 अप्रैल को महरौनी क्षेत्र में 132 केवी सब स्टेशन से 33 केवी लाइन के अंतर्गत सुबह पांच बजे से छह बजे तक और रात्रि में आठ बजे से रात दस बजे तक कटौती की गई थी। वहीं, शुक्रवार को महरौनी में सुबह पांच बजे से छह बजे और दोपहर में 11.50 बजे से दोपहर 12.50 बजे तक विद्युत कटौती की गई। आम दिनों में शहरी क्षेत्र को 22 से 23 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे तक आपूर्ति होना बताया जा रहा है। वहीं, यदि नवरात्रि के दिनों की भी बात करें तो 29 से चार अप्रैल तक के बीच में तकरीबन इसी आंकड़े के तहत विद्युत आपूर्ति की गई है।