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पिता की हत्या का बदला लेने के लिए पूर्व प्रधान की हत्या की

Mon, 03 Oct 2016 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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police, lalitpur news - फोटो : amar ujala, lalitpur news
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ललितपुर। दस वर्ष पहले हुई पिता की हत्या का बदला लेने के लिए पूर्व प्रधान की हत्या की गई थी।इस मामले में बानपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली है। 
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 रविवार को पुलिस अधीक्षक डी प्रदीप कुमार ने एसपी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि पूर्व प्रधान हरचरन की हत्या ग्राम दैलवारा निवासी गजेंद्र ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए की थी। 27 सितंबर को गजेंद्र बाजार से घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में शराब पी रहे उसके पारिवारिक सदस्य बृजेन्द्र, कुलदीप व राहुल ने पिता रघुराज की हत्या को लेकर हरचरन लोधी से बदला लेने के लिए ताने मारे। गजेन्द्र की हामी भरने के बाद चारों लोगों ने शराब पी। 

 इसके बाद योजना बनाकर वह लोग अपने साथियों के साथ बाइकों से लाठी व कुल्हाड़ी से लैस होकर खेत पर बने पूर्व प्रधान के मकान पर जा पहुंचे। वहां उन्होंने चारपाई पर सो रहे हरचरन को जगाया। हरचरन के जागने पर रघुराज की हत्या का उलाहना देते हुए उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। आरोपियों ने पूर्व प्रधान पर तब तक हमला किया, जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। पुलिस ने हरचरन  के पुत्र अरविन्द की शिकायत पर आठ आरोपियों नरेन्द्र पाल, महेन्द्र सिंह, कुलदीप सिंह, चन्द्रदीप, गजेन्द्र सिंह, रामसिंह, ज्ञानेनद्र सिंह, बृजेन्द्र सिंह के खिलाफ एकराय होकर मारपीट कर हत्या कर देने का मुकदमा दर्ज किया था।   
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   रविवार सुबह बानपुर थानाध्यक्ष निगवेन्द्र प्रताप ने गांव से गजेन्द्र सिंह पुत्र रघुराज, बृजेन्द्र पुत्र कमल सिंह व कुलदीप पुत्र नरेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पूछताछ के दौरान राहुल का नाम भी प्रकाश में आया। पुलिस आरोपी राहुल पुत्र बृजपाल सिंह व अन्य की तलाश कर रही है।      

  
यह थी रंजिश      
13 दिसम्बर 2006 की रात रघुराज लोधी की भैंसें चरते हुए हरचरन लोधी के खेत में घुस गयी थीं। रघुराज जब भैंसों को भगा रहा था, तभी हरचरन, जाहर, महेश व संतोष ने आकर लाठी डंडो से हमला कर घायल कर दिया था। उपचार के दौरान मौत हो जाने के बाद पुलिस ने हत्या की धारा में मामला तरमीम कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिये थे। न्यायालय ने हत्या के इस मामले में आरोपियों को आठ-आठ वर्ष की सजा सुनाई थी। जेल में करीब तीन माह रहने के बाद अरोपियो की हाईकोट से जमानत मंजूर हुई थी। जेल से जमानत मिलने के बाद से ही हरचरन की हत्या को लेकर रघुराज के परिजन योजना बना रहे थे। 

इस टीम को मिली सफलता      
हत्या के तीन आरोपियों की गिरफ्तारी करने में थानाध्यक्ष निगवेन्द्र प्रताप, एसआई सत्यप्रकाश, सिपाही शिवप्रताप, सत्यप्रकाश, जगतपाल, मनोज कुमार व चालक बृजराज सिंह को सफलता मिली। 
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