ललितपुर। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में धाक जमाने वाले मेधावियों में शहर के मोहल्ला आजादपुरा निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बेटी भी रही। सड़क हादसे में पिता को खोने के बाद कठिनाई को मात देकर खुद की तैयारी पर विश्वास रखते हुए उन्होंने सफलता हासिल की। उन्होंने हुए 539 रैंक हासिल की। घर में खुशी का माहौल है, बधाई देने का सिलसिला जारी है।
सिविल सेवा परीक्षा के नतीजे मंगलवार को घोषित किए गए। इसमें स्वाति जैन की ऑल इंडिया 539 रैंक रही। स्वाति के पिता अनिल कुमार जैन की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। मां शशि ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की साधारण सी नौकरी करते अपनी दोनों बेटियों आंकाक्षा और स्वाति को बेहतर शिक्षा दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया। स्वाति बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी थी। शुरुआती पढ़ाई स्वाति की एसडीएस विद्यालय में हुई। वर्ष 2016 में एसडीएस विद्यालय से कक्षा 10वीं पास की। दसवीं पास करने के बाद स्वाति जैन ने आगे की पढ़ाई के लिए राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में की। वर्ष 2018 में यहां से 12वीं उत्तीर्ण की। दोनों ही बोर्ड परीक्षाओं में स्वाति जैन अच्छे अंकों से पास हुई। इसके बाद नेहरू महाविद्यालय से स्नातक करने के बाद स्वाति यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली चली गई। मां शशि ने परेशानियों का सामना किया लेकिन दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रही। स्वाति को इसकी कभी भनक भी नहीं लगने दी। स्वाति ने बताया कि दिल्ली में वह जैन समाज के जीतो हॉस्टल में रहकर तैयारी की। यहां सीनियरों से गाइडेंस मिला। इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा-2024 में प्रतिभाग किया। मंगलवार को इस परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। जिसमें स्वाति जैन 539 रैंक पाकर सफलता पाई और जिले का नाम रोशन किया। बुधवार को स्वाति दिल्ली से वापस घर लौटी तो रेलवे स्टेशन पर उसका स्वागत किया गया। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। स्वाति ने बताया उनकी मां शशि व उसका बचपन से ही अफसर बनकर देश सेवा करने का सपना था, जोकि अब पूरा हुआ है। स्वाति ने अपनी सफलता श्रेय अपनी बड़ी बहन आकांक्षा जैन जोकि एक निजी विद्यालय में टीचर है उन्हें और अपने परिजनों सहित रिश्तेदारों और गुरुओं को दिया है।
साक्षात्कार में अंतरराष्ट्रीय और महिलाओं से संबंधित पूछे गए थे प्रश्न
स्वाति ने बताया कि उनका विषय राजनैतिक विज्ञान था। साक्षात्कार में उनसे अंर्तराष्ट्रीय, महिलाओं से संबंधित, हिस्ट्री से संबंधित सवाल पूछे थे। इसके साथ करंट अफेयर में एक देश-एक चुनाव सहित कई तरह के प्रश्न पूछे गए थे। स्वाति ने बताया कि इन सवालों के जवाब देने में उसे खास परेशानी नहीं हुई। स्वाति ने जिले के युवाओं को लेकर कहा कि वह सोशल मीडिया का सदुपयोग करें। इसके जरिए अपने ज्ञान को बढ़ाए और शिक्षण कार्य में इसका उपयोग करें।
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बेटी ने कराई गर्व की अनुभूति
यूपीएससी परीक्षा पास करने वाली स्वाति जैन की मां शशि ने बताया कि उसकी बेटी ने परीक्षा पास कर अफसर बनकर आज गर्व की अनुभूति कराई। शशि ने अपनी बेटी को इसी प्रकार सफलता की सीढ़ी चढ़ते रहने का अाशीर्वाद दिया। साथ में मोहल्ला पड़ोस के लोगों को मिठाई खिलाकर बेटी की सफलता से होने वाली खुशी में शामिल किया।
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कक्षा पांचवीं में जाना क्या होता है डीएम
स्वाति ने बताया कि जब वह कक्षा पांचवीं में पढ़ रही थी। तब स्कूल के एक कार्यक्रम में प्रतिभाग कर उसमें विजयी रहने पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने उसे सम्मानित किया था। तब उसने जाना था कि डीएम क्या होता है। उसकी मां तो बचपन से ही उसे अफसर बनाना चाहती थी। जिसके बाद जब वह कक्षा 10वीं में आयी तब उसने लक्ष्य निर्धारित कर लिया था कि यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर अफसर बनना है। जिसके बाद वह अपने सपने को पूरा करने में जुट गई थी।