- बजाज फाइनेंस फ्रॉड केस में परिजनों ने कोतवाली पुलिस पर पुत्र को झूठे केस में फंसाकर जेल भेज देने से आहत होकर आत्महत्या करने का लगाया आरोप
- मृतक के पास से डीएम को संबोधित किए गए दो प्रार्थना पत्र मिले
- एमपी के टीकमगढ़ में एक होटल के कमरे में फंदे पर लटका मिला शव
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बजाज फाइनेंस में 1.71 करोड़ रुपये फ्रॉड मामले में पुत्र शिवम राठौर के जेल जाने के बाद उसके पिता लक्ष्मी नारायण उर्फ लल्लू (50) निवासी मोहल्ला रामनगर कोतवाली सदर ने आत्महत्या कर ली। उसका शव मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ में स्थित गायत्री होटल के एक कमरे के अंदर फंदे पर लटका मिला। टीकमगढ़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। वहीं, सूचना पर परिजन टीकमगढ़ पहुंचे। परिजनों ने कोतवाली पुलिस पर शिवम राठौर को झूठे केस में फंसाकर जेल भेज देने और इससे आहत होकर आत्महत्या करने का आरोप लगाया है।
कोतवाली सदर में बजाज फाइनेंस कंपनी लिमिटेड व आम नागरिकों के साथ षडयंत्रपूर्वक, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 1.71 करोड़ रुपये की धनराशि की धोखाधड़ी करने का मुकदमा असिस्टेंट मैनेजर रिस्क बजाज फाइनेंस लिमिटेड संदीप सिंह सोलंकी की तहरीर पर सात नामजद आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया था। पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शुक्रवार को कोतवाली पुलिस ने इस केस में बजाज फाइनेंस कंपनी की फर्जी मुहर बनाने के आरोप में शुभम राठौर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस द्वारा बेटे शिवम राठौर को जेल भेजे जाने से उसका पिता लक्ष्मीनारायण राठौर (54) परेशान थे। शनिवार की दोपहर मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ स्थित होटल गायत्री के कमरा नंबर 106 में लक्ष्मीनारायण का शव फंदे पर लटका मिला। होटल के कमरे में शव मिलने पर वहां हड़कंप मच गया था। सूचना पर टीकमगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू करते हुए ललितपुर में परिजनों को जानकारी दी। मृतक के पास से दो प्रार्थना पत्र मिले। जिसमें उसने अपने पुत्र शिवम को कोतवाली पुलिस द्वारा हिरासत में रखने को लेकर जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए दिए थे। वहीं, लक्ष्मीनारायण की मौत की खबर मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया और वह रोने चिल्लाने लगे और आनन फानन टीकमगढ़ पहुंचे। परिजनों ने कोतवाली पुलिस पर निर्दोष बेटे को जेल भेजने से क्षुब्ध होकर फंदे पर लटककर जान देने का आरोप लगाया।
पुत्र शिवम के केस को लेकर इलाहाबाद से वापस लौटते समय रुके थे टीकमगढ़ में
मृतक के पुत्र सत्यम राठौर के मुताबिक उसके पिता इलाहाबाद इसी केस को लेकर गए थे। वहां से 19 सितंबर की रात को ट्रेन से टीकमगढ़ पहुंचे। देर रात को वह टीकमगढ़ में स्थित एक होटल में रुक गए थे। शनिवार की सुबह 8 बजे जब होटल का कर्मचारी चाय देने के लिए कमरे के पास पहुंचा और आवाज दी तो कोई उत्तर नहीं मिला। कमरे के अंदर से पंखे की आवाज भी नहीं आ रही थी। कर्मचारी ने होटल मैनेजर को पूरी बात बताई। जिसके बाद होटल के सभी कर्मचारियों ने काफी आवाज दी थी। लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला तो होटल के कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। यहां पंखे पर लक्ष्मीनारायण का शव फंदे पर लटक रहा था। सत्यम ने यह बताया कि होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में उसके पिता देर रात को होटल में आते दिख रहे हैं।
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पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होेने को शिवम को जेल से बाहर करने की डीएम से रखी मांग
लक्ष्मीनारायण का शव शनिवार की देर शाम को टीकमगढ़ से घर पहुंचा। इसके बाद पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जेल में निरुद्ध शिवम को बाहर निकालने की मांग परिजनों ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में की। परिजनों की मांग पर जिला प्रशासन आगे की कार्रवाई करने में जुट गया है।
प्रार्थना पत्र में लिखा दरोगा के कहने पर मुहर बनाई तो पुत्र को लिया हिरासत में
पेन से लिख प्रार्थना पत्र में लक्ष्मीनारायण ने बताया कि उसकी दुकान कोतवाली सदर के बगल में है और रबर मुहर व रेडियम का काम करता है। 14 सितंबर की दोपहर को कोतवाली में तैनात एक दरोगा ने उन्हें बुलाया और कुछ मुहर बनाने को कहा। जब उसने बताया कि एक मुहर की प्रति नहीं सकती है तो दरोगा ने स्टांप पेपर की फोटोकॉपी की प्रति फाड़कर दी। कहा कि इस जैसी बने और दूसरे दिन देने को कहा। इसके बाद उसने दरोगा के कहने पर मुहर बनाकर दी। उसी दिन उसके पुत्र शिवम को हिरासत में ले लिया और कुछ जानकारी नहीं दे रहे हैं। कह रहे हैं कि शिवम ने जो मुहर बनाई वो अवैध है, कार्रवाई करेंगे। पत्र में यह भी कहा कि तीन दिन-रात बीत जाने पर भी कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। पत्र में डीएम से न्याय करने की बात कही। इस प्रार्थना पत्र पर 18 सितंबर की तारीख अंकित है।
दूसरे प्रार्थना पत्र में की थी बेटे की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
दूसरे प्रार्थना पत्र में लक्ष्मीनारायण ने डीएम को बताया था कि यह पत्र पुलिस द्वारा उसके पुत्र शिवम को अनुचित व अवैध तरीके से हिरासत में रखने पर दुख और चिंता के साथ लिख रहा है। 16 सितंबर को 11 बजे से बिना किसी वैध कारण या सबूत के कोतवाली सदर पुलिस द्वारा उसके पुत्र को हिरासत में रखा है। पुत्र का कोई आपराधिक रिकार्ड भी नहीं है। इस निराधार हिरासत ने परिवार को मानसिक व आर्थिक पीड़ा दी है। पुलिस ने पुत्र को बिना किसी वारंट या गिरफ्तारी का कारण बताए ले गए थे। कहा था कुछ पूछताछ करनी है और जल्द छोड़ देंगे। पुलिस से संपर्क करने और हिरासत में रखने का कोई स्पष्ट जबाव नहीं मिला। न ही उसे पुत्र से मिलने दिया गया। पत्र में मांग की कि अवैध रूप से हिरासत में रखे गए उसके पुत्र शिवम को रिहा करने का आदेश दें। साथ में यह भी कहा कि हिरासत का वास्तविक कारण है तो बिना देरी के मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करें। इस अवैध हिरासत में शामिल पुलिसकर्मियों के आधरण की त्वरित जांच शुरू इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की। पत्र के अंत में लक्ष्मीनारायण ने न्याय और अधिकार पर पूरा भरोसा जताया और अाशा की कि वह उसके बेटे की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई करेंगे।