ललितपुर। जिले में बीते माह हुई बारिश से प्रभावित फसलों के नुकसान का 17 दिन बाद भी आकलन नहीं हो सका है। इससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। अब रबी की फसल का सीजन नजदीक आ रहा है, ऐसे में किसान आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं। किसानों का कहना है कि सर्वे कर नुकसान का बीमा क्लेम और राहत राशि दी जाए। जिससे किसान रबी की फसल की बुवाई कर सकें।
बीते माह अगस्त के दूसरे सप्ताह में हुई बारिश से खरीफ की फसलें प्रभावित हो गईं थीं। जलभराव से कई क्षेत्रों में अधिक नुकसान हो गया। किसानों ने बारिश से प्रभावित फसलों के नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की। जिस पर प्रशासन और कृषि विभाग ने 48 टीमों का गठन कर नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए। लेकिन 17 दिन बाद भी नुकसान का आकलन नहीं हो सका है। अब रबी फसलों की बुवाई के लिए 20 दिन का समय शेष रह गया है। वहीं बारिश से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा न मिलने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। किसानों की मांग है कि सर्वे जल्द ही पूरा किया जाए और बीमा क्लेम, राहत राशि दी जाए। इससे रबी की बुवाई समय से कर सकें।
खरीफ की फसल बारिश से प्रभावित हो गई थी। इससे लगभग 70 प्रतिशत से अधिक नुकसान हो गया है। अब दवाइयों का खर्चा भी नहीं निकलेगा। जल्द ही सर्वे पूरा कर राहत राशि दी जाए।- विक्रांत सिंह
खेतों में उड़द की फसल अच्छी थी, लेकिन बारिश से पूरी तरह से खराब हो गई थी। अब आगामी रबी फसल की बुवाई के लिए फसल बीमा क्लेम मिलने का इंतजार कर रहे हैं।- महूम सिंह
पहले ही आर्थिक रूप से परेशान चल रहे हैं। ऐसे में खरीफ फसल खराब होने से परेशानी बढ़ गई है। जल्द सर्वे कर बीमा क्लेम दिया जाए, जिससे आर्थिक राहत मिल सके।-महेंद्र सिंह
किसानों के पास एक मात्र आय का साधन कृषि है। बारिश से खरीफ फसल खराब होने से आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। जल्द राहत राशि मिले तो आगामी फसल की बुवाई कर सकेंगे।
- घनश्याम कुशवाहा, खिरिया लटकनजू
तीन सदस्यीय टीमें बारिश से प्रभावित हुईं फसलों की जांच कर रहीं है। अभी सर्वे कार्य चल रहा है। सर्वे पूरा होने पर रिपोर्ट के बाद नुकसान की आंकलन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।- लवकुश त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी