मड़ावरा(ललितपुर)। थाना मड़ावरा के अंतर्गत ग्राम हंसरी में साठ वर्षीय किसान ने मंगलवार की रात को खेत में पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी। मड़ावरा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के अनुसार किसान ने मंगलवार की सुबह जहर खाकर जान देने का प्रयास भी किया था लेकिन परिजन उसे अस्पताल ले गए थे जहां डॉक्टरों ने उसे बचा लिया था। किसान पर ढाई लाख रुपये का कर्ज था। उसका बेटा भी मानसिक रूप से बीमार है।
थाना मड़ावरा के ग्राम हंसरी निवासी तिजू (60) पुत्र दरऊ अहिरवार कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। उसका एक बेटा और एक बेटी है, बेटा मानसिक रूप से बीमार है। तिजू पर किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का दो लाख रुपये एवं सोसायटी के पचास हजार रुपये का कर्ज था। वह तीन एकड़ जमीन पर खेती करता था और ईंट गुुम्मा बनाने का काम भी करता था। इसी से होने वाली कमाई से वह किसी प्रकार घर परिवार का भरण पोषण कर रहा थ। बीते तीन चार दिन से वह मानसिक रूप से कुछ ज्यादा ही परेशान दिख रहा था।
मंगलवार की सुबह उसने जहर (कीटनाशक) खाकर जान देने का प्रयास किया था लेकिन परिजनों ने उसे देख लिया और तत्काल अस्पताल ले जाकर उसका उपचार कराया, जिससे वह ठीक हो गया। मंगलवार की देर रात को जब सभी परिजन सो रहे थे तब वह बिना किसी को बताए घर से खेत पर चला गया और वहां खेत में छेवले के पेड़ पर रस्सी से फांसी का फंदा बनाकर लटक गया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। बुधवार की सुबह जब महुआ बीनने के लिए लोग वहां पहुंचे तो तिजू का शव पेड़ पर लटकता देखा और उसके परिजनों को घटना की सूचना दी। थाना मड़ावरा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों का कहना है कि तिजू मानसिक रूप से बीमार अपने बेटे और बैंक के कर्ज को लेकर परेशान चल रहा था। इसी वजह से उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक के भतीजे कनई ने बताया कि चाचा वह तीन भाइयों में छोटे थे।