घंटाघर प्रांगण में धरना प्रदर्शन करते प्रगतिशील किसान जनमोर्चा के पदाधिकारी
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ललितपुर। घंटाघर प्रांगण में प्रगतिशील किसान जनमोर्चा के बैनरतले दूसरे दिन भी किसानों का धरना जारी रहा। वक्ताओं ने कहा कि जब तक बीमा कंपनी के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती है, तब तक घंटाघर प्रांगण में धरना प्रदर्शन चलता रहेगा। उन्होंने बीमा कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दायर करने की मांग की है।
अध्यक्ष बाबूलाल दुबे ने आरोप लगाया है कि बुंदेलखंड में ललितपुर अति पिछड़ा जिला है, यहां के किसानों की स्थिति अच्छी नहीं है। अधिकांश किसान किसी तरह जीवन व्यतीत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फसल बीमा से किसानों को जोड़ा तो उनमें उत्साह दिखा, लेकिन बीमा कंपनी जिस तरह से किसानों के साथ धोखा कर रही हैं, उससे किसानों का भरोसा कंपनी से उठ गया है। तीन साल से किसानों की समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है। जब इनका निराकरण नहीं हुआ तो मजबूरन धरना प्रदर्शन शुरू करना पड़ा है। आशीष कौशिक ने कहा कि खरीफ 2019 का बीमा क्लेम दिलाने के लिए जिले के किसानों का प्रशासन व बीमा कंपनी के बीच समझौता हुआ था। इसके बाद भी बीमा कंपनी ने 7651 किसानों का बीमा क्लेम नहीं दिया है। खरीफ 2018 के लगभग 4000 किसानों का बीमा क्लेम नहीं मिल पा रहा है। 2020 के अगस्त माह में मूसलाधार बारिश से फसल नष्ट हो गई थी। इससे प्रभावित किसानों को बीमा क्लेम के लिए भटकना पड़ रहा है। इस मौके पर नंदलाल पहलवान, ऊदल सिंह पटेल, आशीष कौशिक, इमरत सिंह लोधी, जयराम पटेल, निहालचंद जैन, मलखान सिंह, द्वारिका प्रसाद निरंजन, नवनीत शर्मा, लल्लू राम शर्मा, सरदार सतनाम सिंह, जगदीश पाराशर, राकेश जैन मौजूद रहे।