ललितपुर। राजकीय इंटर कालेज के सभागार में आयोजित गोष्ठी में आरकेबीवाई एवं पीएमकेएसवाई अंतर्गत निर्मित किए गए खेत तालाबों में मत्स्य पालन/ कृषि विविधिकरण के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इस योजना का मकसद कृषकों की आय को दोगुना करना है। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने कहा कि जनपद के कृषकों को उनकी श्रम शक्ति के सापेक्ष पर्याप्त लाभ प्राप्त हो पाता है। किसानों की इन्हीं प्रकार की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा खेत तालाब योजना का शुभारंभ किया गया है। जनपद के कृषक खेत तालाब योजना को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। तालाबों में मत्स्य पालन करने के लिए कृषक मत्स्य विभाग मेें अपना पंजीकरण कराएं। जनपद के 1100 कृषक अपने खेतों में खेत तालाब योजना के तहत तालाब खुदवा चुके हैं। जनपद के कृषकों को अपनी मानसिकता में वैज्ञानिक दृष्टिकोण लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कृषकों को अपनी आय में वृद्धि करने के नए तरीके अपनाते हुए खेत तालाब योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया।
भूमि संरक्षण अधिकारी ने बताया कि खेत तालाब योजना का शुभारंभ 2016-17 में किया गया था। इसमें कृषकों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उन्हें जल संरक्षण एवं उसके समुचित प्रयोग के लिए प्रेरित करना है, साथ ही वर्षा जल को अधिकाधिक संचित कर पलेवा व जीवनदायिनी सिंचाई के लिए प्रयोग करना भी है। योजना के तहत जल का उपयोग कम होने की संभावना रहेगी और उपलब्ध जल से अधिक से अधिक क्षेत्र की सिंचाई की जा सकेगी। कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत कृषकों को ही इस योजना का लाभ प्राप्त हो सकेगा। जनपद में 178 तालाब ऐसे हैं, जिनमें वर्ष भर जल का भराव बना रहता है एवं जनपद के 71 खेत तालाबों में मछली पालन का कार्य कराया जा सकता है। वर्तमान में जनपद के 309 कृषकों द्वारा मत्स्य पालन का कार्य किया जा रहा है। शासन द्वारा इस वर्ष 554 खेतों में तालाब खुदवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इच्छुक कृषक कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण एवं भूमि संरक्षण अनुभाग में पंजीकरण कराकर निर्धारित प्रारूप पर शर्तों सहित आवेदन के पश्चात इस योजना का लाभ ले सकते हैं। जिन कृषकों द्वारा अपने खेतों में खेत तालाब योजना द्वारा तालाब खुदवाएं जाएंगे, उन्हें सरकार द्वारा सहायता अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। 22 गुणा 20 गुणा 3 मीटर छोटे तालाब की प्रति इकाई लागत 105000 रुपये पर कृषक द्वारा कृषक परियोजना अंश 52500 रुपये तथा अनुदान की धनराशि 52500 रुपये रहेगी।
इसके अलावा 35 गुणा 30 गुणा 3 मीटर मध्य तालाब की प्रति इकाई लागत 228400 रुपये पर कृषक द्वारा कृषक परियोजना अंश 114200 रुपये तथा अनुदान की धनराशि 114200 रुपये रहेगी। सहायक निदेशक मत्स्य ने कहा कि कृषि कार्य के अंतर्गत अनेक ऐसी फसलें हैं, जिनकी उत्पादन क्षमता मांग के अनुरूप अधिक है। मत्स्य पालन के अंतर्गत मछली एक ऐसी उपज है, जिसकी खपत उत्पादन के अनुरूप सदैव अधिक होती है। खेत तालाब योजना के तहत खेतों में पानी की उपलब्धता होने से मछली पालन का कार्य भी किया जाएगा, साथ ही खेत में बने हुए तालाब में पानी के भरे होने के कारण भूमि का जलस्तर भी बढ़ेगा। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी वीपी पांडेय, परियोजना निदेशक डीआरडीए बलिराम वर्मा, सहायक निदेशक मत्स्य बीलाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ एसके शाक्य, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एसके श्रीवास्तव, भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ रामअवतार सहित जनपद के कृषक/मत्स्य पालक उपस्थित रहे। संचालन सूर्यकान्त त्रिपाठी ने किया।