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Lalitpur News: किसान को पता नहीं, 98 हजार से कागजों में हो गया भूमि सुधार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। मनरेगा के कामों में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ताजा मामला सोशल ऑडिट के दौरान ब्लॉक बार की ग्राम पंचायत बम्हौरी सहना का निकलकर सामने आया। किसान को पता नहीं और उसके खेत पर 98,670 रुपये का भूमि सुधार कागजों में करवा दिया गया। टीम ने खंड विकास अधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंपी है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में ब्लॉक बार अंतर्गत ग्राम पंचायत बम्हौरी सहना में हुए मनरेगा कार्यों का सोशल ऑडिट 26 से 30 सितंबर 2024 तक पांच सदस्यीय टीम ने किया। ऑडिट टीम ने सत्यापन किया तो गांव के ही प्रताप के खेत पर 98,670 रुपये से कराए भूमि सुधार पर संदेह हुआ। गांव के लोगों से पूछा तो वह कुछ स्पष्ट नहीं बता सके। ऑडिट टीम ने लाभार्थी प्रताप से पूछा तो उसने लिखित बयान में बताया कि उसके खेत पर काम नहीं हुआ।
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30 सितंबर को टीम ने प्रताप को ग्राम सभा में बुलाया। सभा में ग्रामीणों की उपस्थिति में जब प्रताप से पूछा तो उसने फिर कहा कि उसके खेत पर काम नहीं कराया गया है। उसे जब मस्टर रोल में काम करने वाले मजदूरों के नाम बताए तो उसने कहा कि यह फर्जी मस्टर रोल है। मजदूरों के हस्ताक्षर फर्जी हैं। मजदूर उसके खेत में काम करने कभी नहीं गए। तकनीकी सहायक ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। ग्राम सभा ने प्रताप के बयान को सही माना और काम पर व्यय की गई धनराशि 98,670 रुपये की वसूली की संस्तुति की गई। सोशल ऑडिट टीम ने खंड विकास अधिकारी बार को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
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ग्रामसभा की बैठक से गायब रहे ग्राम विकास अधिकारी
सोशल ऑडिट टीम ने जब कागजों में भूमि सुधार कर गड़बड़ी पकड़ी और इसके लिए ग्राम सभा की बैठक बुलाई तो शासन के निर्देशों के अनुसार बैठक में ग्राम विकास अधिकारी को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना था। लेकिन, बम्हौरी सहना में हुई इस बैठक में ग्राम विकास अधिकारी के अनुपस्थित रहने से गांव के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
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