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किसानों के सामने छाए संकट के बादल

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खेत से फसल काटते किसान के परिवारीजन - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। आसमान में छाए बादलों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फसल कटाई को मजदूर नहीं मिल रहे हैं, तो हार्वेस्टर न होने से पैदावार नहीं निकाल पा रही थी। बादल होने से फसल खराब होने के डर से किसान खुद ही फसल की कटाई में जुट गए हैं। ऐसे में किसानों के सामने संकट के बादल छा गए हैं।
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जिले में किसानों के पास परिवार का भरण पोषण करने का एक मात्र माध्यम कृषि है। यहां पर किसान खरीफ व रबी की फसल की खेती करते हैं। किसान बीते वर्षों से दैवीय आपदा से जूझ रहे हैं। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो चुकी है। किसान अब आगे अच्छी फसल होगी, इसी आस में लगातार फसल करता आ रहा है। इसी आस में बीते माहों कर्ज लेकर रबी की फसल बोई है। जो वर्तमान में अच्छी है। इसकी कटाई का समय आया गया है। लेकिन, कोरोना महामारी का संकट समस्या बन गया है। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने से देश को संपूर्ण बंद कर दिया गया है। इसके अलावा घरों से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इससे किसानों को अब रबी की फसल की कटाई को लेकर मजदूर नहीं मिल रहे हैं। प्रांतों व जनपदों की सीमाएं सील होने से हार्वेस्टर नहीं आ पा रहे हैं। इससे फसल की कटाई व थ्रेसिंग के लिए किसान परेशान हैं। कुछ किसानों ने कटाई खुद ही शुरु कर दी है। लेकिन, बादलों ने समस्या खड़ी कर दी है। इसके अलावा बरसात से कटी फसल भी खराब होने का डर बना हुआ है। गेहूं की फसल पूरी तरह से पक चुकी है। इसकी कटाई का समय नजदीक आ गया है। लेकिन, मजदूर व हार्वेस्टर के अभाव में किसानों को परेशानी हो रही है।
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अभी हल्की ही बूंदाबांदी हुई है, इससे रबी की फसल को किसी भी तरह को कोई नुकसान नहीं है।
- संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक
कृषि विभाग
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