ललितपुर। रेलवे स्टेशन पर घायल अवस्था में मिली गैंगरेप पीड़ित मूक बधिर महिला की सुध उसके परिजनों ने नहीं ली। करीब पांच दिन इंतजार करने के बाद जीआरपी थानाध्यक्ष उसे घर छोड़ आए।
शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ थाना के पास महिला घायल अवस्था में मिली थी। महिला के मुंह से खून आ रहा था और वह मूक बधिर थी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार को इशारों में महिला ने बताया कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है।
मूक बधिर महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की खबर सुनकर प्रशासन में हड़कंप मच गया। शुरुआत में जीआरपी ने शून्य पर गैंगरेप का मामला दर्ज किया था। ट्रेन में दुष्कर्म की खबर सुनकर एसपी जीआरपी झांसी ने भी जिला अस्पताल में आकर इसकी जानकारी ली। जांच के बाद दुष्कर्म की घटना बांदा में हुई मानी गई और मामला बांदा पुलिस को सौंप दिया गया।
मूक बधिर महिला मऊरानीपुर की रहने वाली है। उसके पति की तीन महीने पहले मौत हो गई थी। महिला के साथ हुई घटना की जानकारी उसके परिजनों को दी गई, लेकिन पांच दिन बीतने के बाद कोई परिजन महिला का हालचाल जानने नहीं पहुंचा। आखिरकार, मंगलवार को महिला को उसके घर छोड़ने के लिए जीआरपी थानाध्यक्ष महेश दुबे स्वयं गए।
चार घंटे रही बेहोश
मंगलवार की सुबह पीड़ित महिला जिला अस्पताल में बेहोश हो गई। महिला के साथ कोई तीमारदार नहीं होने की वजह से अस्पताल प्रशासन को भी काफी देर बाद उसके बेहोश होने की जानकारी मिली।
ड्यूटी पर तैनात ईएमओ डा. विजय द्विवेदी ने महिला का इलाज शुुरु किया और स्थिति को नियंत्रण में किया। डाक्टर ने महिला की स्थिति के बारे में जीआरपी को जानकारी दी। जीआरपी जिला अस्पताल पहुंची और महिला को रेफर करा कर ले गई।
राज्य महिला आयोग ने लिया संज्ञान
मूक बधिर महिला के साथ गैंगरेप की घटना का संज्ञान राज्य महिला आयोग ने लिया है। आयोग अध्यक्ष जरीना उस्मानी ने बताया कि मामले की जानकारी ली गई है। गैंगरेप की जांच बांदा पुलिस अधीक्षक कर रहे हैं, उनसे जांच रिपोर्ट तलब की जाएगी। उन्होंने पीड़ित महिला की हरसंभव मदद करने का आश्वासान भी दिया।