परिषदीय विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से शिक्षकों की लापरवाही पर अंकुश लगाने की कोशिश हो रही है। इसके तहत प्रतिदिन शिक्षकों की लोकेशन मोबाइल के जरिए जानी जा रही है, इसमें दो दर्जन से ज्यादा शिक्षकों की लोकेशन स्कूल में नहीं मिली थी। इस पर बीएसए ने ऐसे शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब किया है। कई शिक्षकों से इस झमेले से बचने के लिए विभाग के सीयूजी नंबर को उठाना बंद कर दिया है। बीते दिनों मिड डे मील समन्वयक कपिल दुबे ने आधा दर्जन शिक्षकों को मोबाइल लगाए। लेकिन, किसी ने फोन नहीं उठाया, तब उन्होंने एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को फोन लगा दिया और उससे पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक से बात कराने को कहा। जब वह पूर्व माध्यमिक विद्यालय में संबंधित शिक्षक से बात कराने के लिए पहुंचा तो वह शिक्षक स्कूल में नहीं था। इससे फोन नहीं उठाने के पीछे का कारण स्पष्ट हो गया। इस पर बीएसए ने कहा कि शिक्षक को दो बार फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की जाएगी। यदि दो बार में फोन नहीं उठता है तो उसे गैर हाजिर मान लिया जाएगा। इन हालात में शिक्षकों की मुश्किलें कम होती दिखाई नहीं दे रही हैं।