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विस्फोटक बरामद होने के बाद कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में

Sat, 27 Aug 2016 12:53 AM IST
lalitpur
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प्रशासन - फोटो : demo pic
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ललितपुर। बृहस्पतिवार को झांसी जनपद के मोंठ में भारी मात्रा में बरामद विस्फोटक को नक्सलियों तक पहुंचाने की साजिश का पर्दाफाश होने के बाद बुंदेलखंड के जिलों की पुलिस व प्रशासन की कार्यप्रणाली  सवालों के घेरे में आ गई है। जनपद में सैकड़ों सैँड स्टोन व ग्रेनाइट की खदानें संचालित हो रही हैं, जिनमें हो रहे विस्फोट की आवाज न पुलिस के कानों तक पहुंच रही है और न ही प्रशासन के।
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जनपद में वर्तमान में सैंड स्टोन, ग्रेनाइट, डायस्पोर की सैकड़ों खदानों के साथ ही कई क्रशर भी संचालित हो रहे हैं। बालू, मौरंग को छोड़कर अन्य किसी भी खनिज का खनन बिना ब्लास्टिंग के संभव नहीं है। खदानों में  विस्फोट के लिए जिलेटिन, डायनामाइट, सैल व बैटरी आदि का उपयोग किया जाता है। जनपद में एक भी लाइसेंसधारी नहीं है, फिर भी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का इस्तेमाल हो रहा है। जानकारों का कहना है कि मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ व बीना में जिलेटिन लाइसेंसधारी हैं। वहां से अवैध विस्फोटक लाकर खदान मालिकों को आसानी से  उपलब्ध करा दिया जाता है। प्रशासन से छिपाकर घनी बस्तियों में इसका अवैध रूप से भंडारण होता है।
एक अनुमान के अनुसार करोड़ों रुपए के खनन के लिए जनपद में रोजाना करीब दो हजार से ज्यादा जिलेटिन की छड़ें समेत विस्फोटक के पूरे सेट का इस्तेमाल हो रहा है। विस्फोटक की एक पेटी आठ हजार रुपए में बेची जा रही है। एक पेटी में पांच सौ सेट विस्फोटक के होते हैं। जनपद में प्रतिदिन दस पेटी विस्फोटक का इस्तेमाल हो रहा है। दस पेटी के हिसाब से रोजाना जनपद में पांच हजार विस्फोट होते हैं। पूरे जनपद में बड़ी संख्या में हो रहे विस्फोटों के बाद भी प्रशासन के कानों तक इनकी गूंज नहीं पहुंच रही है।  
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हो चुका हैं हादसे
कुछ वर्ष पूर्व जाखलौन थाना के धौर्रा गांव में राकेश यादव नामक व्यक्ति के घर में जबरदस्त विस्फोट हुआ था। इससे पूरा घर धराशायी हो गया था। यह विस्फोट घर में रखे अवैध विस्फोटक से हुआ था। घटना में राकेश की पत्नी की मौत हो गई थी। पिछले साल अक्टूबर में जखौरा थाना के राजघाट गांव में एक संदिग्ध छड़ से खेलते वक्त विस्फोट होने से एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इस घटना के बाद अवैध विस्फोटक विक्रेताओं पर कार्रवाई के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे, लेकिन एसपी के तबादले के साथ ही यह निर्देश ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं।
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यहां बना विस्फोटक बरामद हो चुका है आतंकियों से

जिले में अवैध विस्फोटक कारोबार को लेकर प्रशासन की उदासीनता शुरू से है। कई आतंकी घटनाओं के तार यहां से जुड़े हुए हैं। 26 जनवरी 1996 को  जयपुर में सवाई मानसिंह स्टेडियम पर आतंकी हमला हुआ था। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अब्दुल हमीद, अब्दुल कलीम व चंद्रप्रकाश के पास से सीबीआई ने जो विस्फोटक बरामद किया था, उसमें तीन बैग बेलेमेलेटिव 90 ( गुल्ला डायनामाइट) के थे। करीब 75  किलोग्राम यह विस्फोटक भारत एक्सप्लोसिव लिमिटेड में तैयार किया गया था। इसके साथ ही नौ सितंबर 2004 को बांग्लादेश में दो भारतीयों समेत एक  बांग्लादेशी युवक को बांग्लादेश राइफल्स ने सुनामगंज कस्बे में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए चेरापूंजी के चंदन हजोंग, सुरेश हंजोग व  बांग्लादेशी नागरिक काला गुंजा के पास से चार पैकेट में प्लास्टिक  एक्सप्लोसिव बरामद हुआ था। यह विस्फोटक भी भारत एक्सप्लोसिव लिमिटेड  ललितपुर में तैयार हुआ था। वहीं, 14 सितंबर 2010 को भारत एक्सप्लोसिव  लिमिटेड के जनरल मैनेजर आलेख कुमार गुप्ता को विस्फोटक के अवैध व्यापार में  सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। कंपनी के जीएम पर अगस्त 2010 में करीब तीन सौ टन विस्फोटक, जो कि करीब 61 ट्रकों पर लदा था, उसे गायब करने वाले गिरोह में शामिल होने का आरोप है।
भारत एक्सप्लोसिव लिमिटेड में तैयार हो  रहे विस्फोटक  के आतंकियों के पास पहुंचने की रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र  सरकार के पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (पेस्को) नागपुर ने प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, यह प्रतिबंध उन विस्फोटकों के निर्माण  पर लगाया गया है, जिनमें अमोनियम नाइट्रेट इस्तेमाल होता है।  अभी भारत एक्सप्लोसिव लिमिटेड औद्योगिक उपयोग में आने वाले विस्फोटकों का  निर्माण कर रही है। सबसे चिंता का विषय यह है, कि कुछ साल पहले तक इलाइट  चौराहे पर पेस्को का ऑफिस संचालित हो रहा था, जो कि भारत एक्सप्लोसिव  लिमिटेड की हर गतिविधि की निगरानी करता था। इस ऑफिस को  देहरादून स्थानांतरित कर दिया गया है। वर्तमान में कंपनी में ग्रेड टू के  विस्फोटक जो कि इमल्शन बेस्ड होते हैं, तैयार किए जा रहे हैं। इनका इस्तेमाल खदानों में किया जाता है।
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केंद्र सरकार ने कंपनी में ग्रेड वन के विस्फोटक बनाने पर रोक लगा दी है। कंपनी में अमोनियम नाइट्रेट बेस्ड  विस्फोटक तैयार नहीं होते हैं। अब केवल पेस्को द्वारा अधिकृत लाइसेंसी को ही विस्फोटक आपूर्ति की जाती हैं। जिले में किसी को भी आपूर्ति नहीं की जा रही  है।
- ए के जैन
  मैनेजर, भारत एक्सप्लोसिव लिमिटेड
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झांसी में अवैध विस्फोटक मिलने की घटना को संज्ञान में लेते हुए सभी एसडीएम को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अवैध तरीके से विस्फोटकों का व्यापार व उपयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  
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डा रूपेश कुमार जिलाधिकारी
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