ललितपुर। जिले में अवैध विस्फोटक का कारोबार खुलेआम चल रहा है। इसकी गवाही जिले में चल रही खदानों में होने वाले विस्फोटक दे रहे हैं। जिले में विस्फोटक सामग्री का एक भी लाइसेंस नहीं होने के कारण मप्र के टीकमगढ़ से विस्फोटक सामग्री की तस्करी हो रही है।
वहां से अवैध विस्फोटक लाकर खदान मालिकों को आसानी से उपलब्ध करा दिया जाता है। प्रशासन से छिपाकर घनी बस्तियों में अवैध रूप से विस्फोटक का भंडारण खतरनाक साबित हो सकता है। शुक्रवार को राजघाट चौकी क्षेत्र में एक संदिग्ध छड़ से एक मासूम के घायल होने की घटना को प्रशासन भले ही गंभीरता से नहीं ले रहा हो, लेकिन जिले में विस्फोटकों का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। जिले में सैंड स्टोन, ग्रेनाइट आदि की खदानों पर प्रतिदिन सैकड़ों विस्फोट किए जाते हैं। खदानों पर इस्तेमाल हो रहे विस्फोटक को मप्र के टीकमगढ़ जिले से लाया जा रहा है।
खदानों में विस्फोट के लिए जिलेटिन, डायनामाइट, सैल व बैटरी आदि का उपयोग किया जाता है। जिले में सैंड स्टोन की सैकड़ों खदानें संचालित हो रही है। इन खदानों में विस्फोटक के जरिए सफाई की जाती है। विस्फोटक की पूरी सामग्री खदान मालिकों को बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाती है। पिछले दिनों मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में विस्फोटक का भंडारण घनी बस्ती में होने से सैकड़ों लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा था, लेकिन इस ओर यहां पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। क्योंकि, जिले में विस्फोटक सामग्री का एक भी लाइसेंस नहीं है। इसके बाद भी सैकड़ों खदानों में प्रतिदिन हो रहे विस्फोटक सामग्री के प्रयोग से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिले में अवैध विस्फोटक कारोबार को लेकर प्रशासन की उदासीनता गंभीर है। क्योंकि, जिले का ताल्लुक कई ऐसी आतंकी घटनाओं से रह चुका है, जिनमें इस्तेमाल विस्फोटक का संबंध नगर में संचालित भारत एक्सप्लोसिव लिमिटेड कंपनी से रहा है। 26 जनवरी 1996 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में सवाई मान सिंह स्टेडियम पर आतंकी हमला हुआ था। इसमें तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अब्दुल हमीद, अब्दुल कलीम व चंद्रप्रकाश नाम के आरोपियों के पास से सीबीआई ने जो विस्फोटक बरामद किया था, उसमें तीन बैग बेलेमेलेटिव 90 ( गुल्ला डायनामाइट) के बरामद हुए थे।
करीब 75 किलोग्राम का यह विस्फोटक भारत एक्सप्लोसिव लिमिटेड में तैयार किया गया था। इसके साथ ही नौ सितंबर 2004 को बांग्लादेश में दो भारतीयों समेत एक बांग्लादेशी युवक को बांग्लादेश राइफल्स ने सुनामगंज कस्बे में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए चेरापूंजी के चंदन हजोंग, सुरेश हंजोग व बांग्लादेशी नागरिक काला गुंजा के पास से चार पैकेट में प्लास्टिक एक्सप्लोसिव बरामद हुआ था। यह विस्फोटक भी भारत एक्सप्लोसिव लिमिटेड ललितपुर में तैयार हुआ था। वहीं, 14 सितंबर 2010 को भारत एक्सप्लोसिव लिमिटेड के जनरल मैनेजर आलेख कुमार गुप्ता को विस्फोटक के अवैध व्यापार में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। कंपनी के जीएम पर अगस्त 2010 में करीब तीन सौ टन विस्फोटक, जो कि करीब 61 ट्रकों पर लदा था, उसे गायब करने वाले गिरोह में शामिल होने का आरोप है।
भारत एक्सप्लोसिव लिमिटेड में तैयार हो रहे विस्फोटकों का आतंकियों के पास पहुंचने की रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (पेस्को) नागपुर ने प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, यह प्रतिबंध उन विस्फोटकों के निर्माण पर लगाया गया है, जिनके निर्माण में अमोनियम नाइट्रेट इस्तेमाल होता है। अभी भारत एक्सप्लोसिव लिमिटेड औद्योगिक उपयोग में आने वाले विस्फोटकों का निर्माण कर रही है। सबसे चिंता का विषय यह है, कि कुछ साल पहले तक इलाइट चौराहे पर पेस्को का ऑफिस संचालित हो रहा था, जो कि भारत एक्सप्लोसिव लिमिटेड की हर गतिविधि की निगरानी करता था। करीब चार पहले इस ऑफिस को देहरादून स्थानांतरित कर दिया है। वर्तमान में कंपनी में ग्रेड टू के विस्फोटक जो कि इमल्शन बेस्ड होते हैं, तैयार किए जा रहे हैं। इनका इस्तेमाल खदानों में किया जाता है।
कंपनी के ग्रेड वन के विस्फोटक बनाने पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है। कंपनी में अमोनियम नाइट्रेट बेस्ड विस्फोटक तैयार नहीं होते है। अब केवल पेस्को द्वारा अधिकृत लाइसेंसी को ही विस्फोटक आपूर्ति करते हैं। जिले में किसी को भी आपूर्ति नहीं की जा रही है।
- ए के जैन
मैनेजर, भारत एक्सप्लोसिव लिमिटेड
जिले में अवैध विस्फोटक का इस्तेमाल व कारोबार करने वालों पर प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जिले में इस्तेमाल हो रहे अवैध विस्फोटक की आपूर्ति व उपयोग के मामले संज्ञान में आने पर नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।
- रमेश चंद्र, एसडीएम सदर