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Lalitpur News: ज्यादा बारिश से सागौन की पौधों को नुकसान

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ललितपुर। ज्यादा बारिश से पौधों की बढ़वार रुक गई है। सागौन के पौधों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। वन विभाग सागौन के पुराने पौधों की जगह नया लगाने की तैयार कर रहा है। इस वर्ष 90 लाख पौधे रोपित किए गए थे, इसमें सागौन के 12.31 लाख पौधे लगाए गए। अब करीब एक लाख पौधों में नुकसान बताया जा रहा है।
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20 जून से लगातार बारिश हो रही है। अभी तक 1100 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है, जबकि औसत बारिश अगस्त तक 780 मिलीमीटर मानी जाती है। इससे पौधों की बढ़वार थम गई है। क्योंकि उन्हें पानी तो मिला, लेकिन पर्याप्त धूप व गर्मी न मिलने के कारण विकास नहीं हो सका। सागौन के पौधों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। इस वर्ष 90.51 लाख पौधे रोपित किए गए थे, जिसमें पीपल, बरगद, सागौन, शीशम, आम, अमरूद, जामुन, आंवला, नींबू, सहजन, अर्जुन, अशोक, शरीफा, बांस, नीम, पाकड़, इमली, चिरौल, अमृताश आदि के पौधे शामिल हैं। जंगली इलाकों में 12.31 लाख पौधे सागौन के रोपित किए गए हैं।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि इनमें से करीब एक लाख पौधों को नुकसान पहुंचा है। विभागीय आंकड़ों को देखें तो पिछले वर्षों में जीवित पौधों की स्थिति काफी अच्छी रही है। वर्ष 2023-25 में जहां पौधों की औसत अस्तित्व दर 86.67 रही थी, वहीं वर्ष 2024-25 में यह दर 96.06 प्रतिशत हो गई है।
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प्रमुख रूप से लगाए गए थे ये पौधे
प्रजाति - पौधों की संख्या
सागौन - 1231522
शीशम - 1328696
बांस - 259505
अमरूद - 390855
इमली - 117018
नींबू - 137072
कंजी- 226172
आंवला - 478381
चिलबिल- 438475
जंगल जलेबी- 121693
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लगातार हो रही बारिश से पौधों का विकास थमा है। सागौन के पौधों में नुकसान भी हुआ है। उनकी जगह नए पौधे लगाने की तैयारी की जा रही है।
गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी।
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