मड़ावरा/ललितपुर। विकास खंड मड़ावरा के सभी गांवों में मनरेगा के अंतर्गत कार्य प्रारंभ हो गए हैं। इससे श्रमिकों के लिए मनरेगा रोजी रोटी का सहारा बन गई है।
ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों के प्रारंभ होने से श्रमिकों में प्रसन्नता देखी जा रही है। पूर्व में गांव में मनरेगा से निरंतर काम नहीं चलने से श्रमिक परेशान रहते थे। ब्लॉक मड़ावरा के गांव-गांव में मनरेगा श्रमिकों लिए रोजी रोटी का सहारा बन रही है। ग्राम पंचायत बम्हौरीखुर्द में शासन की मंशानुसार मनरेगा कार्य चल रहें हैं जिनमें श्रमिक निरंतर कार्य कर रहें हैं। गांव में निरंतर कार्य मिलने से वे लोग काफी खुश हैं।
शासन-प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए खण्ड विकास अधिकारी मड़ावरा सुनील कुमार द्वारा ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य प्रारंभ कराने के पूर्व में निर्देश दिये गये थे जो फलीभूत हो रहे हैं। सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य शुरू होने से एक ओर जहां बाहर से अपने गांव घर वापिस लौटे श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है वहीं पंचायतों में विकास कार्य भी तेजी के साथ चल रहें हैं।
उल्लेखनीय है कि विकास खण्ड मडावरा में महात्मा गांधी रोजगार गारण्टी अधिनियम के तहत मजदूरों के लिये मनरेगा किसी संजीवनी से कम साबित नहीं हो रही है। यहाँ पर बता दें कि विकास खण्ड मडावरा के कई गांवों में गत वर्ष जल संरक्षण के तहत मृतप्राय ओडी नदी का पुर्नजीवन कार्य विकास खण्ड मडावरा द्वारा कराया गया था, उसी प्रकार इस वर्ष भी विकास खण्ड मडावरा के गांवों में सर्वाधिक 24 तालाबों के गहरीकरण का कार्य विकास खण्ड द्वारा कराया जा रहा है। इसके साथ-साथ जल संरक्षण के अर्न्तगत कराये जाने वाले अन्य कार्य जैसे- नाला गहरीकरण, मेड बंधी निर्माण, चौकडैम निर्माण के कार्य कराये जा रहे है वहीं दूसरी ओर ग्रामीण आजीविका के तहत विभिन्न कार्य जैसे- सम्पर्क मार्ग निर्माण, नाली निर्माण, सी0सी0 रोड निर्माण के कार्य कराये जा रहे है, व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिये नाडेप वर्मी कम्पोस्ट, पिट निर्माण, पशु सैड निर्माण एंव उनके खेतों का समतलीकरण भी कराया जा रहा है। कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा मडावरा द्वारा 300 से अधिक कार्यो की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिसके फलस्वरूप 6500 से अधिक श्रमिक मनरेगा अन्तर्गत कार्य कर रहे है। वर्तमान समय में विकास खण्ड में 1200 से अधिक प्रवासी श्रमिक विकास खण्डों की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आये हुये हैं जिसमें से 250 श्रमिकों के नवीन जॉवकार्ड जारी किये गये एंव 937 प्रवासी मजदूरो के जॉवकार्ड नवीनीकृत किये गये। अभी तक 950 प्रवासी मजदूरों को मनरेगा अन्तर्गत रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। कोराना संक्रमण की वजह से इस वर्ष मनरेगा के कार्य 20 अप्रैल के बाद प्रारम्भ हो जाने के बाद भी विकास खण्ड द्वारा इतने अल्प समय में ही लगभग 45000 से ज्यादा मानव दिवस सृजित कर लिये गये है। श्रमिकों के मांग के अनुसार उन्हे तत्काल ग्राम पंचायत में ही रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों के द्वारा दिये गए हैं।
ब्लाक के सभी गांवों में मनरेगा के काम चल रहे हैं। इनमें मांग के आधार पर श्रमिकों को काम दिया जा रहा है।
सुनील कुमार, बीडीओ, मड़ावरा