पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में एक बार फिर पुलिस मित्र बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी थानाध्यक्षों को आवेदन के प्रपत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। साफ स्वच्छ छवि वाले और बेहतर सामंजस्य की क्षमता रखने वाले युवाओं को प्राथमिकता देने को कहा गया है। प्रत्येक थाना क्षेत्र में 10 नगरीय तथा 10 पुलिस मित्र ग्रामीण इलाकों से होंगे। एक गांव से ही पुलिस मित्र बनाया जाएगा। पुलिस मित्रों को निशुल्क आवश्यक सहयोग के लिए तैयार रहना होगा। धार्मिक उत्सव, मेला, जुलूस एवं चुनाव के दौरान आवश्यकता पड़ने पर पुलिस मित्रों का सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही, पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने से अपराध नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी और सूचना तंत्र भी मजबूत होगा, क्योंकि बदलते वक्त के साथ ही अपराधियों और अपराध की प्रकृति भी बदलती जा रही है। अपराध में आधुनिक संसाधनों का उपयोग बढ़ गया है। साइबर क्राइम में भी वृद्धि हो रही है। जिले में घटित अधिकांश अपराधों के अनावरण में अपराध करने वालों के नये चेहरे उजागर हुए हैं। कई अपराधियों का तो पहले कोई आपराधिक रिकार्ड भी नहीं था। इन सभी पहलुओं को दृष्टिगत रखते हुए अपराध नियंत्रण में पुलिस मित्रों की भूमिका प्रासंगिक हो गई है। पुलिस अधीक्षक ने सभी थानाध्यक्षों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र तैयार करके पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।