जिला विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप ने ग्राम मसौराकलां का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम विकास अधिकारी अशोक कुमार अनुपस्थित मिले। हालांकि, कुछ देर बाद मौके पर उपस्थित तो हो गए, लेकिन विकास कार्यों की जानकारी नहीं दे सके। प्रगति विवरण भी अपूर्ण मिला। ग्राम में बनवाए जा रहे आवास, नाली, शौचालय की गुणवत्ता खराब मिली, इस पर ग्राम विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए काम में सुधार लाने की हिदायत दी। इसके पश्चात उन्होंने ग्राम पुराधनकुआं व कैलगुवां ग्राम का निरीक्षण किया। निरीक्षण में ग्राम विकास अधिकारी अनिल त्रिपाठी अनुपस्थित पाए गए, इस पर उन्होंने उनका वेतन रोक दिया। इसके अतिरिक्त एक अन्य ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी मोबाइल लोकेशन के दौरान नियत कार्य क्षेत्र में नहीं पाए गए। इस पर उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी का वेतन रोक दिया। डीडीओ की सक्रियता से ग्राम विकास अधिकारियों में खलबली मच गई है। उन्होंने चौकन्ना रहकर काम शुरू कर दिया है। इससे पहले जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने ग्राम विकास अधिकारियों को कार्य स्थल पर रहने के निर्देश दिए थे, जिससे कि ग्रामीणों की समस्याएं ग्राम स्तर पर निस्तारित हो सकें। इसके बाद भी अनेक ग्राम विकास अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं। अधिकारियों के निरीक्षण में यह तथ्य उजागर हो रहा है।