एक माह में करीब 325 मुकदमे हुए दर्ज, विवेचक को शुरू में हुई मुश्किल तो उच्चाधिकारियों ने की मदद, कुछ विवेचनाएं पहुंचीं चार्जशीट लगने की कगार पर
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। एक जुलाई को लागू हुई भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत जिले में प्रतिदिन 10-12 मुकदमे नई धाराओं के तहत विभिन्न थाना-कोतवाली में दर्ज किए गए हैं। इस एक माह में जिले में नई धाराओं के करीब 325 मुकदमे दर्ज किए गए। जिनमें चोरी, छेड़छाड़, मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी, दुर्घटना सहित अन्य धाराओं के मुकदमे शामिल रहे। इन मुकदमों की विवेचना करने में कुछ दिन तक तो जांच अधिकारियों को दिक्कत हुई, लेकिन उच्चाधिकारियों से मदद व पूर्व में मिले प्रशिक्षण से वह विवेचना की जांच का क्रम आगे बढ़ाने में सफल रहे।
30 जून की रात 12 बजे के बाद देश में नई भारतीय संहिता लागू की गई, जिसमें अंग्रेजों के जमाने की धाराओं के स्थान पर नई धाराओं को लागू किया गया था। नए कानून की धाराओं को लेकर पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देकर नई धाराओं के बारे में जानकारी दी गई थी। इसके बाद पुलिस विभाग के थाना-कोतवाली में आने वाली शिकायतों, आपराधिक घटनाएं घटित होने पर नए कानून की धाराओं में मुकदमा दर्ज करना शुरू कर दिया था। हालांकि शुरुआत में मुकदमा दर्ज करने के लिए नई धाराओं को लेकर मुंशियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन नई न्याय संहिता की किताब रखे रहने के कारण ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। एक जुलाई से 31 जुलाई तक जिले के विभिन्न थाना-कोतवालियों में नए कानून की धाराओं में करीब 325 मुकदमे विभिन्न थाना-कोतवाली में दर्ज किए गए। जिसमें चोरी, छेड़छाड़, मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी, दुर्घटना, दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं के मुकदमे शामिल रहे। इसके साथ मारपीट व गाली गलौज के मामलों में नई धाराओं में एनसीआर दर्ज की जा रही है। जिसकी संख्या करीब 300 के करीब है। इन दर्ज मुकदमों की विवेचना भी जांच अधिकारी ने शुरू कर दी है। कुछेक मुकदमे तो ऐसे हैं जोकि चार्जशीट लगने के करीब भी पहुंच गए हैं।
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विवेचना में साक्ष्य के रूप में वीडियो बना रहे विवेचक
मुकदमे की विवेचना के दौरान पूर्व में पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य संकलन व पब्लिक के किसी भी गवाह के बयान लिख लेती थी, लेकिन नए कानून में अब ऐसा नहीं हो पा रहा है। अब विवेचक को सबकुछ वीडियो कैमरे की निगरानी किया जा रहा है। विवेचना के दौरान पुलिस साक्ष्य के रूप में वीडियो रिकार्ड कर रही है।
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मारपीट की घटनाओं के मुकदमों की संख्या अधिक
एक जुलाई से 31 जुलाई तक नए कानून के तहत दर्ज किए मुकदमों में सर्वाधिक मारपीट, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी के शामिल हैं। इसके साथ मारपीट व गाली गलौच करने की शिकायतों पर दर्ज की जाने वाली एनसीआर की रिपोर्ट भी नए कानून की धाराओं में दर्ज की गई है।