ललितपुर। प्रदेश की योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बजट पेश किया। इसे प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है। इस पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सपा, कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि जो लोगों ने अपेक्षाएं की थी, उस ओर योगी सरकार ने ध्यान नहीं दिया है। बेरोजगार मायूस हैं। वहीं, भाजपा नेताओं ने हर वर्ग के लिए हितकारी बजट बताया है।
प्रदेश सरकार ने सबसे बड़ा बजट पेश किया है। इसमें हर वर्ग को लुभाने की कोशिश की गई। स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा पर जोर रहा है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे, हर जिले में युवा हब, महिला सशक्तिकरण पर जोर, अटल आवासीय योजना, न्यायालयों में सुरक्षा व्यवस्था, समग्र शिक्षा अभियान, राज्य सड़क निधि, ग्रामीण मार्गो पर फोकस किया गया है। हालांकि, राजनीतिक दल के लोग इसे अपने-अपने हिसाब से देख रहे हैं। आम आदमी भी संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है।
सरकार के बजट में बुंदेलखंड की गरीबी को दूर करने के लिए कोई खास प्रावधान नहीं किया है। विशेषकर बेरोजगारी की समस्या को करने के मामले में ठोस रणनीति की कमी दिखाई दे रही है।
- भीम चौरसिया
इस समय देश व प्रदेश में सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार का है। रोजगार बढ़ाने के नाम पर बेरोजगारों को लॉलीपॉप देने का काम किया गया है। इससे बेरोजगारी कम होने वाली नहीं है। कुल मिलाकर बजट से मध्यवर्गीय वर्ग में मायूसी देखी जा रही है।
- हरिबाबू शर्मा
सरकार का बजट सामान्य रहा है। योगी सरकार ने लोगों की अपेक्षाओं को नजरअंदाज किया है। जिससे बजट के प्रति लोगों में आकर्षण दिखाई नहीं दिया है।
- कैलाश नारायण डयोडिया
सरकार के बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा व सुरक्षा पर ध्यान दिया गया है। इससे लोगों को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने हितकारी बजट बताया।
- बद्री प्रसाद पाठक
बजट में अधिवक्ताओं के लिए कुछ भी प्राविधान नहीं किया गया है। मंदिरों के विकास व स्वास्थ्य पर पैसा खर्च करने की योजना बनाई गई है। फैक्ट्री, उद्योग स्थापना को नजरअंदाज कर दिया गया है।
- संदेश कुमार जैन
सुमंगला योजना में बालिकाओं, दिव्यांगों, स्वास्थ्य, मेट्रो के लिए पैसा दिया गया है। जो बजट में प्राविधान किए गए हैं, उसे हकीकत में उतारा गया तो प्रदेश में विकास की रफ्तार में तेजी आएगी।
- मनीष जैन
सरकार ने बजट में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे व डिफेंस एक्सो पर फोकस किया गया है। इससे रोजगार का सृजन होगा और बेरोजगारी में कमी आएगी। बजट में हर वर्ग को साधने का प्रयास किया गया है।
- रूपेश साहू
बजट में बुंदेलखंड के विकास पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया है। यहां के लिए बड़े बजट की आवश्यकता है, जिसे नहीं देकर सरकार ने बुुंदेलखंड के लोगों के छलावा किया है।
- महेंद्र सिंदवाहा
बुंदेलखंड की गिनती पिछड़े में होती है और ललितपुर जिला सबसे ज्यादा पिछड़ा है। यहां के किसान आत्महत्या कर रहे हैं। बेरोजगार रोजगार के अभाव में पलायन कर रहे हैं। इसके बाद भी क्षेत्र की समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
- नरेंद्र राठौर
सरकार का बजट बड़ा होने के बाद भी निराशाजनक साबित हुआ है। बजट में जिन चीजों का प्राविधान किया गया है, वे दिखावे की प्रतीत होती हैं। अस्पतालों में आज भी चिकित्सक, स्टाफ व मशीनरी की कमी बनी हुई है। केवल मेडीकल कालेज की घोषणा से कुछ होने वाला नहीं है।
- जगदीश कुशवाहा
बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे में किसानों की जमीन ही जाएगी। इससे क्षेत्र में रोजगार बढ़ने वाले नहीं हैं। केवल रोजगार के दावे किए जा रहे हैं। मुगेरी लाल के हसीन सपने जैसा बजट प्रतीत हो रहा है।
- आशीष अग्रवाल
बजट में इलेक्ट्रानिक बसों की व्यवस्था की गई है। इससे पर्यावरण को सुधारने में मदद मिलेगी। पाक्सों के लिए 218 कोर्ट के गठन का फैसला भी सही है। तेजाब, बलात्कार पीड़ितों के लिए धन की व्यवस्था की गई है।
- संजीव साहू
कई शहरों में मेट्रों की व्यवस्था की गई है। इससे आने-जाने के साधन सुलभ होंगे, साथ ही प्रदूषण पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
- रास बिहारी तिवारी
बजट में व्यापारी, गरीब वर्ग का ध्यान रखा गया है। इससे लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ेगी और उन्हें संबल प्राप्त होगा।
- राजकुमार जैन
असाध्य रोगों के लिए निशुल्क इलाज की पहल अच्छी है। राष्ट्रीय पोषण अभियान व मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए पर्याप्त बजट दिया गया है।
- राजेश लिटौरिया
समग्र शिक्षा के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है लेकिन ब्लाक स्तर पर बालिकाओं के लिए इंटर व उच्च शिक्षा के कालेज खोलने की बात इसमें शामिल होती है तो और भी अच्छा रहता।
- नीरज चतुर्वेदी
सरकार के बजट में किसानों के लिए कोई खास प्राविधान नहीं किया गया है। बुंदेलखंड में पर्यटन की असीम संभावनाएं होने के बाद भी इसके विकास के लिए कोई बड़ी धनराशि की व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने इसे लुभावना बजट बताया।
- उवेश खान