ललितपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बार के जेएसवाई फार्म मेडिकल पर बिकने व देवरान के लाभार्थियों की नसबंदी जिला अस्पताल में होने की खबर मंगलवार को अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद सीएचसी के अधिकारी व कर्मचारी डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं।
बुधवार को ग्राम देवरान की पांचों आशाओं को सीएचसी पर तलब किया गया, जिसमें से चार आशाएं सीएचसी पहुंची, तो वहां मौजूद अधिकारियों व कर्मियों ने एक पत्र लिखवाया। इस पत्र में आशाओं से लिखवाया गया, कि उनके गांव देवरान की जितनी नसबंदी जिला अस्पताल में हुई हैं, वह सब लाभार्थी के कहने पर हुई है।
एक आशा ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन पर सीएचसी के अधिकारियों ने दबाव बनाया और एक पत्र पर दस्तखत करा लिए। उसका कहना है कि देवरान से सीएचसी बार केवल सात किलोमीटर दूर है, जबकि जिला अस्पताल तीस किलोमीटर दूर है। कोई मरीज नसबंदी कराने के लिए इतनी दूर स्थित अस्पताल का चुनाव नहीं कर सकता, क्योंकि नसबंदी की सुविधा पास में ही मौजूद है।
उसने बताया कि भुगतान न देने के नाम पर आशाओं पर दबाव बनाया गया है। वहीं, जिस मेडिकल स्टोर की दुकान पर जेएसवाई के फार्म दस रुपये में बांटे जा रहे थे। खबर प्रकाशित होने के बाद ही उस दुकान से सारे फार्म वापस ले लिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
मंगलवार को अमर उजाला में सीएचसी बार में व्याप्त अनियमितताओं व जिलाधिकारी के गोद लिए गांव देवरान के मरीजों की परेशानी की खबर प्रकाशित होने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है। डी-वार्मिंग डे की मॉनिटरिंग करने पहुंचे अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा ए भाले ने वहां के हालत जाने। जेएसवाई के कितने फार्म सेंटर पर उपलब्ध हैं,
इस संबंध में संबंधित कर्मचारी कोई जानकारी नहीं दे सके। जबकि, इस सत्र में सीएचसी बार में कुल 9,500 जेएसवाई फार्म उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्र पर प्रसव होने के सापेक्ष ज्यादा फार्म केंद्र से गायब हैं। डा भाले ने सीएचसी के अधिकारियों व कर्मियों को कार्यप्रणाली सुधारने का निर्देश दिया।
प्लेन केस क्यों पहुंचे जिला अस्पताल?
स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार नसबंदी के प्लेन केस सबंधित सीएचसी पर ही ऑपरेट किए जांएगे। जिस महिला को सिजेरियन ऑपरेशन से प्रसव होता है, उसी महिला की नसबंदी जिला अस्पताल में कराई जाती है। डीएम के गोद लिए ग्राम देवरान की 25 महिलाओं की नसबंदी जिला अस्पताल में कराई गई है। अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक यह सारे केस नॉर्मल थे और किसी भी महिला का सीजर नहीं हुआ था।
सीएचसी बार की स्थिति में लगातार सुधार किया जा रहा है। उनके प्रभारी बनने के पहले से यहां की व्यवस्थाएं ठीक नहीं थी। उनको पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। जेएसवाई फार्म मुफ्त व अस्पताल से ही वितरित होंगे। जिला अस्पताल में नसबंदी कराने का फैसला लाभार्थी का होगा। इस सबंध में ज्यादा जानकारी नहीं है।
- डॉ. नितिन कंसोरिया
प्रभारी चिकित्सा सीएचसी बार