नगर पालिका परिषद की सीमा के अंतर्गत नपा की नजूल भूमि आराजी संख्या 1810 पर वर्षों पहले कुछ लोगों व संस्थाओं ने कब्जा कर लिया। सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित इस जमीन पर रातों रात सरकारी आवास, पार्टियों के कार्यालय, भवनों के साथ लोगों ने कच्चे व पक्के मकान खड़े कर लिए। कई लोग तो इस आराजी में अपनी भी जमीन बता रहे हैं, हालांकि उनके मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। इन पर निर्णय आना बाकी है। वहीं, कोर्ट के आदेश पर अवशेष भाग को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान चलाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर, एसडीएम सदर पूनम निगम, नायब तहसीलदार अवधेश निगम व नगर पालिका के ईओ के एन शर्मा के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाने का काम किया गया। सुबह 11 बजे से हुई कार्रवाई में पुलिस बल के साथ नपा कर्मचारी व मजदूरों का अमला शामिल रहा। चार घंटे तक चली कार्रवाई में आरएसएस कार्यालय के पास तीन फुट की दीवार के अलावा एक प्राइवेट होटल के सामने स्थित दीवार को ही ढहाया जा सका। भारी-भरकम अमला होने के बाद भी अधिक कार्रवाई नहीं हो सकी। इस क्षेत्र में एक दुकान संचालक भी अतिक्रमण के दायरे में हैं, लेकिन प्रशासन के पास समय से कागज नहीं मिल सके। इस कारण उसे बीच में ही छोड़ दिया गया। इसके बाद पूरा अमला नहर के पास खाली पड़ी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए बढ़ गया, लेकिन इसमें काफी समय लग गया। जेसीबी की सहायता से गेट भी नहीं टूट सका। बाद में मामला तहसीलदार न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण रोक दिया गया।