ललितपुर। वीबी-जी राम जी योजना के जुलाई में लागू होने के बाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन हुआ। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई से अब तक करीब 37400 जाॅबकार्ड धारकों को 334836 मानव दिवस तक कार्य दिया गया। इसमें श्रमिकों से पौधरोपण के लिए गड्ढे, नाला सफाई के साथ गांवों में विकास और जल संरक्षण से जुड़े कार्य कराए गए।
जिले में 196706 पंजीकृत जॉबकार्ड हैं। इसमें से 119713 सक्रिय जॉबकार्ड धारक हैं। हाल ही में मनरेगा के स्वरूप को बदलकर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी) लागू की गई। मनरेगा के तहत जहां जॉब कार्ड धारकों को 100 दिन का रोजगार दिया जाता था, वीबी जी राम जी में जॉब कार्ड धारक श्रमिकों को 125 दिन तक रोजगार दिए जाने की गारंटी है। साथ में, तय समय में भुगतान में देरी पर मुआवजा दिया जाना तय है। वहीं पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग और सोशल ऑडिट जैसे प्रावधान भी इसमें शामिल किए गए।
एक जुलाई से जिले में वीबी जी रामजी योजना लागू की गई। जिसके तहत जिले के विभिन्न ब्लॉक में आने वाली ग्राम पंचायतों में 178 कार्य शुरू किए गए। शुरू होने वाले कामों में पौधरोपण को किए जाने वाले गड्ढे सहित अन्य काम शामिल रहे। हाल ही में मजदूरी के करीब छह करोड़ रुपये श्रमिकों के खातों में उनकी मजदूरी के भेजे गए। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मानसून सीजन के बाद इसमें और अधिक बढोत्तरी दर्ज की जाएगी।
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काम वीबी जी राम जी के तहत जिले में काम कराने के लिए दो श्रेणी बनाई गई हैं। इसमें पहली में पेयजल, पौधारोपण और दूसरी में ग्रामीण संरचना है। पहली श्रेणी में जल संरक्षण सहित पौधरोपण को शामिल किया गया है। जबकि दूसरी श्रेणी में खेल मैदान, बंधी, हरा चारा सहित अन्य कार्य शामिल हैं। इसके अलावा तालाबों, पोखरों और जलाशयों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण तथा जल स्रोतों के पुनर्जीवित करने के लिए भी कार्य कराए जाएंगे।
ब्लॉकवार जॉब कार्ड धारकों की जिले में संख्या
ब्लॉक - कुल जॉब कार्ड - सक्रिय जॉब कार्ड
बार - 30549 - 17381
बिरधा - 31564 - 18910
जखौरा - 41240 - 25880
मड़ावरा - 30479 - 21000
महरौनी - 32227 - 19670
तालबेहट - 30647 - 16872
योग - 196706 - 119713
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जुलाई माह में वीबी जी राम जी के तहत गांवों में 178 कार्य शुरू कराए थे। जुलाई से अब तक 3.34 लाख मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। इसमें करीब 37400 जॉबकार्ड धारक परिवार के श्रमिक शामिल रहे। इसमें श्रमिकों को पौधारोपण के लिए गड्ढे खुदाई के साथ साथ अन्य कार्य कराए गए।
रमेश कुमार यादव, उपायुक्त श्रम रोजगार